इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चित्रकूट के चर्चित हत्या केस के आरोपी सर्वेश यादव की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने कहा एफआईआर 24 घंटे की देरी से दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ एक मात्र सबूत ''अंतिम बार देखे जाने'' का सबूत है। पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित है। इसलिए आरोपी जमानत पाने का हकदार है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की कोर्ट ने सर्वेश यादव की जमानत अर्जी पर दिया।
चित्रकूट निवासी ओमप्रकाश ने अपने भाई किशोरी लाल की हत्या करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि 20 नवंबर 2024 की रात्रि क़रीब 8 बजे उसके भाई किशोरीलाल को गांव के ही सर्वेश यादव अपनी बाइक से लेकर गए हैं। भाई को शराब पिलाता हैं और नशा चढ़ जाने पर उसका गला दबाकर हत्या कर देता है और दुकान में शव फेंककर चला जाता हैं।
आरोपी के अधिवक्ता शरदेंदु मिश्र ने दलील दी कि शिकायतकर्ता के बयान विरोधाभासी हैं। यहां तक कि मृतक की पत्नी और उसके पिता का बयान भी शिकायतकर्ता के बयान को समर्थन नहीं कर रहे हैं। घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है। सिर्फ संदेह के आधार पर फंसाया जा रहा है। सरकारी अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को सशर्त जमानत दे दी।