उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC)
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित होने वाली सहायक आचार्य, राजकीय महाविद्यालय (प्रा.) परीक्षा-2025 में पंजीकृत छात्रों का परीक्षा केंद्र 700 किमी दूर आवंटित किए जाने से छात्रों में भारी नाराजगी है। इस परीक्षा के लिए एक लाख 14 हजार 255 छात्र पंजीकृत हैं। यह परीक्षा प्रदेश के दस जिलों में 31 मई आयोजित की जाएगी।
प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्य शीतला प्रसाद ओझा ने आयोग के अध्यक्ष एवं सचिव को ज्ञापन सौंपकर 31 मई को प्रस्तावित सहायक आचार्य, राजकीय महाविद्यालय (प्रा.) परीक्षा को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। आरोप लगाया है प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, मिर्जापुर और कानपुर जैसे शहरों में पर्याप्त परीक्षा केंद्र उपलब्ध होने के बावजूद मेरठ जैसे दूरस्थ जिलों में भेजना समझ से परे है। भीषण गर्मी में 700 किमी दूर जाना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
इन जिलों में बनाए गए हैं केंद्र
प्रयागराज (31 परीक्षा केंद्र), अलीगढ़ (17), बरेली (21), गोरखपुर (23) , जौनपुर(14), कानपुर (31), लखनऊ(41), मेरठ (27), वाराणसी (30), मुरादाबाद (26 परीक्षा केंद्र) आदि जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। (कुल 28 विषय)
दस जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। एनआईसी लखनऊ से केंद्रों का ऑनलाइन निर्धारण हुआ है। - गिरिजेश कुमार त्यागी, सचिव लोक सेवा आयोग
छात्र जिनका परीक्षा केंद्र बना दिया है दूर
देवरिया निवासी अमृत का परीक्षा केंद्र प्रयागराज बनाया गया है। प्रयागराज निवासी सौरभ गुप्ता का परीक्षा केंद्र मेरठ भेज दिया गया है। प्रयागराज निवासी अंकुर का परीक्षा केंद्र अलीगढ़ बना दिया गया है।