सार
Allahabad High Court : प्रयागराज में बारिश के बाद भीषण जलभराव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने जल निकासी के इंतजामों पर सवाल उठाते हुए प्रयागराज के डीएम और नगर आयुक्त को तलब किया है। अदालत ने कहा कि जलभराव के कारण न्यायाधीशों को कोर्ट पहुंचने में देरी हुई, जो सीधे तौर पर न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप है।
प्रयागराज में भारी बारिश के बाद हालात बेकाबू।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।
Prayagraj News : शहर में भीषण जलभराव से खफा इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के डीएम और नगर आयुक्त को तलब किया है। साथ ही नगर विकास सचिव से हलफनामा मांगा है। पूछा है कि बारिश से पहले डीएम और नगर आयुक्त ने जलभराव रोकने के इंतजाम क्यों नहीं किए।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने जलभराव को लेकर स्वतः संज्ञान याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि लगातार बारिश के कारण शहर में जलभराव की भयावह स्थिति पैदा हुई। इसका असर सामान्य जनजीवन, कारोबार पर पड़ने के साथ न्यायाधीशों के न्यायालय पहुंचने पर भी पड़ा। इससे कोर्ट की कार्यवाही शुरू होने में देरी हुई। यह प्रत्यक्ष रूप से न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप है।
शहर को जलभराव से बचाने के लिए क्या कर रही सरकार : कोर्ट
कोर्ट ने नगर विकास सचिव से भी हलफनामा तलब किया है। उनसे पूछा है कि प्रयागराज शहर को लगातार बारिश के कारण होने वाले जलभराव से बचाने के लिए सरकार ने कौन-कौन सी योजनाएं स्वीकृत की हैं और उनके क्रियान्वयन की क्या स्थिति है।
महाधिवक्ता को अदालत में मौजूद रहने का निर्देश
मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि डीएम और नगर आयुक्त की पेशी के दौरान महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा और अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी को अदालत की सहायता के लिए मौजूद रहना होगा। कोर्ट ने रजिस्ट्रार (कम्प्लायंस) को इस आदेश की प्रति संबंधित सभी अधिकारियों को तत्काल तामील कराने का आदेश दिया है।