इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीट-पीजी 2025 में माइनस 40 अंक पर काउंसलिंग के खिलाफ दायर जनहित याचिका (पीआईएल) खारिज कर दी है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने प्रयागराज निवासी अधिवक्ता अभिनव गौर की पीआईएल पर दिया है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) की ओर से एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 800 अंकों में से माइनस 40 अंक पर काउंसलिंग की अनुमति दिए जाने के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि इस तरह न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता से नीचे स्कोर करने वाले अभ्यर्थियों को मेडिकल शिक्षा में प्रवेश देना सार्वजनिक स्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।