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हाईकोर्ट : यूजीसी नेट के विवादित सवाल पर कोर्ट ने मांगा विशेषज्ञों का ब्योरा

Sun, 20 Sep 2026 07:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जून 2026 में आयोजित यूजीसी नेट परीक्षा के लॉ विषय के प्रश्न संख्या 144 के विवाद को गंभीरता से लेते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से सवाल तैयार करने वाले विशेषज्ञों का ब्योरा तलब किया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जून 2026 में आयोजित यूजीसी नेट परीक्षा के लॉ विषय के प्रश्न संख्या 144 के विवाद को गंभीरता से लेते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से सवाल तैयार करने वाले विशेषज्ञों का ब्योरा तलब किया है। कोर्ट ने एनटीए को अगली सुनवाई से पहले संबंधित विशेषज्ञों का नाम, मोबाइल नंबर और पता उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।

 

यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने प्रयागराज के रितिक श्रीवास्तव की याचिका पर दिया है। याची ने यूजीसी नेट परीक्षा के लॉ विषय के प्रश्न संख्या 144 को चुनौती दी है। उसका कहना है कि प्रश्न में दो विकल्प संभावित रूप से सही हैं। एनटीए ने विकल्प संख्या एक को सही माना है, जबकि याची ने विकल्प संख्या को चार चुना है। याची के अनुसार उसने 18 अगस्त 2026 को एनटीए के पोर्टल पर इस प्रश्न के संबंध में आपत्ति दर्ज की, लेकिन उस पर विचार नहीं किया गया।

एनटीए की ओर से कोर्ट को बताया गया कि परीक्षा की सूचना पुस्तिका में प्रावधान है कि यदि किसी प्रश्न के एक से अधिक विकल्प सही पाए जाते हैं तो सही विकल्पों में से किसी एक को चुनने वाले अभ्यर्थियों को दो अंक दिए जाएंगे। यदि कोई प्रश्न गलत पाया जाता है या उसे हटाया जाता है तो उसे हल करने वाले अभ्यर्थियों को भी दो अंक देने का प्रावधान है।

कोर्ट ने परीक्षा के संचालन और प्रश्नों की चुनौतियों के निस्तारण की प्रक्रिया को समझने के लिए प्रश्न संख्या 144 तैयार करने वाले विषय विशेषज्ञ और मार्किंग स्कीम तैयार करने वाले व्यक्ति का पूरा विवरण मांगा है। 22 सितंबर को सुनवाई होगी। 

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