खालिद अजीम उर्फ अशरफ। फाइल फोटो
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद अतीक अहमद के भाई व पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ के करीबी इरफान की जमानत अर्जी सशर्त मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने इरफान की अर्जी पर दिया।
बरेली के विधरी चैनपुर थाने में अशरफ के साले सद्दाम व अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आरोप था कि सद्दाम व अन्य लोग अशरफ को जेल में सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। साथ ही बिना पर्ची व जेल नियमों के विपरीत बाहरी व्यक्तियों की मुलाकात कराते हैं। गवाहों को डराने, धमकाने व रंगदारी मांगने आदि के आरोप लगाए गए थे। विवेचना के दौरान याची इरफान का नाम सामने आने पर पुलिस ने उसपर भी मुकदमा दर्ज किया। याची ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की।
याची के वकील ने दलील दी कि याची निर्दोष है। उसे मामले में फर्जी तरीके से फंसाया गया है। एफआईआर में वह नामजद नहीं था। सह अभियुक्तों को जमानत मिल चुकी है। याची को जमानत दी जाती है तो वह इसका दुरुपयोग नहीं करेगा। वहीं, अपर शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। न्यायालय ने पक्षों को सुनने के बाद जमानत अर्जी स्वीकार कर लिया।