इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऑनर किलिंग में आजीवन कारावास की सजा काट रही 70 वर्षीय सत्यवती उर्फ सत्तो को सशर्त जमानत पर रिहा करने को आदेश दिया है। वहीं, उसके देवर अशोक की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति डॉ.गौतम चौधरी की अदालत ने देवर-भाभी की अपील संग दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया है। मामला सहारनपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र के सिरसली कलां गांव का है। 23 जनवरी 2017 को अकिंत नाम के युवक की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शव को बाग में पेड़ पर लटका दिया था।
युवक के पिता ऋषिपाल ने गांव की सत्यवती उर्फ सत्तो और उसके देवर अशोक पर ऑनर किलिंग की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि अशोक को शक था कि उसकी बेटी का अकिंत संग प्रेम प्रसंग चल रहा है। इसी के चलते उसने अपनी भाभी सत्यवती उर्फ सत्तो से मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों के खिलाफ आरोप पत्र जिला अदालत में दाखिल किया था। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सत्र न्यायालय ने 29 सितंबर 2022 को हत्या का दोषी पाने पर देवर-भाभी को आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। साथ ही अपील लंबित रहने के दौरान जमानत पर रिहा करने की गुहार भी लगाई थी।
कोर्ट ने उम्र का हवाला देते हुए आरोपी सत्यवती उर्फ सत्तो को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। रिहाई के बाद उसे अर्थदंड की रकम छह माह में अदा करनी होगी। वहीं, आरोपी अशोक की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी गई है।