इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया अपनाए बिना घर गिराने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने वरिष्ठ अधिकारी से दो हफ्ते में हलफनामा दाखिल कर जवाब मांगा है। कहा- बताएं ऐसी कौन सी परिस्थिति थी जिसके चलते घर ढहा दिया।
न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की कोर्ट आजमगढ़ के सुनील कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। याची के वकील शरदेंदु मिश्र व जय शंकर मिश्र ने दलील दी कि 9 जनवरी 2024 को तहसीलदार ने एक रिपोर्ट दी। इसे संज्ञान लेते हुए 22 जुलाई 2024 को अपर कलेक्टर भू राजस्व आजमगढ़ ने घर ढहाने का आदेश जारी कर दिया। आदेश के अनुपालन में घर ध्वस्त कर दिया गया। कानूनी प्रक्रिया की अवहेलना की गई है। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।