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High Court : बैनामा होने के बाद दोबारा जमीन का मूल्यांकन कर स्टाम्प शुल्क वसूली आदेश रद्द

Thu, 15 Aug 2024 12:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अलीगढ़ के याची ने एक प्लॉट का बैनामा कराया और उसके लिए देय स्टाम्प शुल्क का भुगतान किया। इसके बाद गयासुद्दीन नामक व्यक्ति की शिकायत पर उप रजिस्ट्रार ने बैनामा होने के बाद दोबारा जमीन की मूल्यांकन रिपोर्ट तैयारी की। 
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अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बैनामा होने के बाद दोबारा जमीन का मूल्यांकन कर स्टाम्प शुल्क वसूली के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही जमा कराई गई रकम चार प्रतिशत ब्याज सहित वापस करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की अदालत ने कुशलपाल सिंह की याचिका पर अधिवक्ता तनीशा जहांगीर मुनीर को सुनकर यह आदेश दिया है।

अलीगढ़ के याची ने एक प्लॉट का बैनामा कराया और उसके लिए देय स्टाम्प शुल्क का भुगतान किया। इसके बाद गयासुद्दीन नामक व्यक्ति की शिकायत पर उप रजिस्ट्रार ने बैनामा होने के बाद दोबारा जमीन की मूल्यांकन रिपोर्ट तैयारी की। उसी के आधार पर डीएम के आदेश से स्टाम्प कमी की वसूली कार्यवाही की गई। इसके तहत याची पर 20 लाख दो हजार 50 रुपये स्टाम्प कमी व 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह जुर्माना लगाया गया। इसके खिलाफ अपील राजस्व परिषद लखनऊ ने खारिज कर दी। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

याची वकील ने दलील दी कि बैनामा के बाद दोबारा जमीन का मूल्यांकन कर स्टाम्प कमी की वसूली नहीं की जा सकती। इस कार्यवाही में उप्र स्टाम्प संपत्ति मूल्यांकन एक्ट के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए दोबारा मूल्यांकन कर स्टाम्प कमी की वसूली आदेश को रद्द कर दिया।

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