इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमीरपुर के डीएम को खनन पट्टे के लिए जमा की गई 90 लाख रुपये की जमानत राशि लौटाने का आदेश दिया है। यह आदेश अंजनी कुमार मिश्रा की कोर्ट ने मेसर्स प्रज्ञासन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। उप्र.लघु खनिज (रियायत) नियमावली, 1963 के अनुसार यह प्रावधान है कि यदि आवेदक की ओर से यह जानकारी दी जाती है कि उसे दो या अधिक खनन पट्टों के लिए दो आशय पत्र जारी किए गए हैं या उनका क्षेत्रफल 50 हेक्टेयर से अधिक है तो उसे किसी भी खनन पट्टा क्षेत्र को चुनने का अधिकार होगा। साथ ही शेष क्षेत्रों के लिए जमा की गई राशि सत्यापन के बाद वापस कर दी जाएगी।
हमीरपुर में खनन पट्टे में याची ने 90 लाख की बयाना राशि संग अपनी बोली लगाई थी। इस पर संबंधित दस्तावेज जमा करने के लिए कहा गया, ताकि आशय पत्र जारी किया जा सके। इस बीच फतेहपुर में खनन पट्टे की निविदाएं आमंत्रित की गईं। याची ने बोली में भाग लिया और उसे आशय पत्र जारी कर दिया गया। इसके बाद उसने हमीरपुर के डीएम को जमा की गई बयाना राशि 90 लाख रुपये लौटाने के लिए आवेदन किया, जिसे खारिज कर दिया गया। इस आदेश के विरुद्ध याची ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने आदेश दिया कि जमानत राशि शीघ्र लौटाई जाए। ब्यूरो