इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में पंजीकृत अधिवक्ताओं के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का राज्य सरकार से जिलेवार सूची मांगी है। मंगलवार को सुनवाई में कोर्ट के आदेश पर सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि अब तक की जांच में करीब तीन हजार वकीलों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। अदालत ने डीजीपी और डीजीपी अभियोजन से विस्तृत जानकारी मांगी थी। यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने अधिवक्ता मोहम्मद कफील की जनहित याचिका पर दिया है।
डीजीपी की ओर से दाखिल हलफनामे में संबंधित वकीलों का आपराधिक इतिहास दर्ज किया गया है, जबकि डीजी अभियोजन ने चल रहे मुकदमों की ट्रायल स्थिति का विवरण दिया है। कोर्ट ने 15 दिसंबर की अगली सुनवाई पर सभी आंकड़े टेबुल फॉर्म में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश बार कौंसिल को भी पक्षकार बनाने को कहा है।