इलाहाबाद हाईकोर्ट ने घूंघट (पर्दा) किए बगैर बाजार जाने को तलाक का आधार मानने से इन्कार कर दिया। कहा कि पत्नी का घूंघट न करना पति के विरुद्ध मानसिक क्रूरता नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने संबंध बनाने से इन्कार करने को तलाक का आधार मानते हुए पति की अपील स्वीकार कर ली।
यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह एवं न्यायमूर्ति डोनाडी रमेश की खंडपीठ ने मानसिक क्रूरता और परित्याग के आधार पर दाखिल गाजीपुर के एक पति की अपील पर दिया है। पारिवारिक न्यायालय ने पति की ओर से दाखिल तलाक की अर्जी खारिज दी थी। पति ने पारिवारिक न्यायालय के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पति ने पत्नी पर क्रूरता का आरोप लगाया। कहा कि पत्नी स्वतंत्र विचारों वाली महिला है। वह बिना घूंघट के बाजार जाती है।