घूरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जसरा सब्जी मंडी से बुधवार को एसटीएफ और घूरपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने दो क्विंटल गांजा पकड़ा। इसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये रुपये है। गांजा को पैकेट बना कर पिकअप गाड़ी से नाशपाती की आड़ में यहां लाया गया था। इस दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
घूरपुर पुलिस और एसटीएफ को जानकारी मिली के उड़ीसा के रास्ते गांजा लाकर यहां से अन्य स्थानों पर सप्लाई किया जाता है। बुधवार को टीम को जानकारी मिली कि मंडी में गांजा लाने के बाद उसे दूसरी गाड़ी में रखकर अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है। सूचना पर पुलिस व एसटीएफ मंडी पहुंचीं तो गांजा पकड़ा गया। उड़ीसा से अंबिकापुर के रास्ते लाकर इसे जसरा मंडी में दूसरे पिकअप में लादा जा रहा था। गांजा नाशपाती के बीच प्लास्टिक के कैरेट में छिपाकर रखा गया था। टीम ने मौके से बरामद लगभग 90 कैरेट में कुल 2. 13 क्विंटल गांजा बरामद किया। दोनों पिकअप वाहनों को भी जब्त कर लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि लगभग दो साल पूर्व भी मंडी से गांजा पकड़ा गया था। संवाद
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण-
1-
करण पुत्र विंदेश्वरी, नि0- पचेवारा, थाना चुनार, मिर्जापुर, उ0प्र0
2-
शुभम पटेल पुत्र पन्ना लाल पटेल, नि0. प्रतापपुर, थाना अदालहत, मिर्जापुर, उ0प्र0
3-
नीरज यादव पुत्र राम लखन यादव, नि0 बढ़हा, थाना कौंधियारा, प्रयागराज, उ0प्र0
गिरोह का कई राज्यों में फैला है जाल
पकड़े गए अभियुक्त शुभम और करन ने बताया कि वे बड़े पैमाने पर गांजा तस्करी का कार्य करते हैं। गिरोह का जाल उड़ीसा से उत्तर प्रदेश व देश के अन्य प्रान्तों में फैला हुआ है। इस गिरोह के सदस्य उड़ीसा और आंध्र प्रदेश से गांजे की बड़ी खेप ले लाकर अलग-अलग जगह सप्लाई करते हैं।गिरोह का सरगना शुभम गुप्ता है जो छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर में रहता है और गांजे की खेप मंगवाने के लिए उड़ीसा के बड़े तस्करों के संपर्क में रहता है। डील पक्की हो जाती है तो वह अपने कैरियर्स/ड्राइवरों को गांजा लाने के लिए उड़ीसा के विभिन्न स्थानों पर भेजता है।