गंगा -यमुना के जलस्तर में बृहस्पतिवार को तेज बहाव से वृद्धि होने से तटवर्ती क्षेत्रों में हड़कंप मच गया। दो सेंमी प्रतिघंटा की उपज से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से चिंता बढ़ गई। संगमनोज मार्ग पर पानी आने से चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद हो गया। शाम शाम तक तीर्थपुरोहितों की सैकड़ों साल के साथ ही पूजा-प्रसाद और फूलमाला की दुकानों का संगम हटा दिया गया। संगम क्षेत्र से लोग अब सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। उधर, जलस्तर बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन के निर्देश पर एनडीआरएफ के जवानों की गश्त बढ़ा दी गई। एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लिया और हालात से निबटने की तैयारी शुरू कर दी। पहाड़ों व मैदानी क्षेत्रों में बारिश की वजह से बृहस्पतिवार को गंगा-यमुना के प्रवाह में तेजी से आ गए। सहायक नदियों और नालों से होकर गंगा-यमुना में पानी आने से जल गति बढ़ गई है। 24 घंटे के भीतर आधा मीटर से अधिक जलस्तर बढ़ने से संगम नोज के अलावा अन्य घाटों पर मुश्किलें पैदा हो गई। खासतौर से संगम नोज वाले रास्तों पर पानी आ गया। इससे चार पहिया वाहनो की आवाजाही ठप हो गई। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण नियंत्रक कक्ष के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.28 मीटर दर्ज किया गया। इसी तरह छतनाग में गंगा का जलस्तर 74.12 मीटर पर पहुंच गया। जबकि नैनी में यमुना 74.64 मीटर पर पहुंच गई हैं। जलस्तर बढ़ने से संगम नोज के साथ ही रामघाट, दशाश्वमेध घाट, काली घाट, महावीर घाट पर पर तीर्थपुरोहितों व कब्जों में दिन भर अफरातफरी मची रही। पूजा-प्रसाद की दुकानों हटाई जा रही हैं। तीर्थपुरोहितों की चौकियां भी हटाई जा रही हैं। शाम तक सैकड़ों वाहनों और दुकानों को अक्षयवट मार्ग और महावीर मार्ग अन्नक्षेत्र के पास पहुंचा दिया गया है। काली मार्ग और बेनी बांध पर भी अब दुकानें शिफ्ट की जा रही हैं। तीर्थपुरोहित राजमणि तिवारी, सोहनलाल जोशी ने बताया कि तेजी से बढ़ते जलस्तर की वजह से अब सुरक्षित स्थानों परजाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है। इनसेट एनडीआरएफ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा प्रयागराज। जलस्तर बढ़ने के साथ ही एनडीआरएफ की टीम ने बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ से बचाव के इंतजामों का जायजा लिया। सदर तहसील के अधिकारियों के साथ टीमंदर के जगदीश राणा, सहायक उपनिरीक्षक मारकंडे यादव और उनकी टीम ने दारागंज, नागवासुकि, बघाड़ा, सलोरी, रसूलाबाद क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान राजस्व निरीक्षक कुलदीप नारायण पांडेय और लेखपाल सुधीर कुमार मौजूद थे। सबसे पहले बाढ़ से घिरने वाले इलाके पिछले बाढ़ के अनुभवों को देखते हुए सदर तहसील के दारागंज, नाग वासुकि, बघाड़ा, छोटा बघाड़ा, चांदपुर सलोरी, रसूलाबाद घाट, गंगा नगर, बेली, राजापुर क्षेत्रों के गंगा की बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। । इस बार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कोरोना महामारी के मद्देनजर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पुनर्वास केंद्रों की भी व्यवस्था की गई है। राजापुर क्षेत्रों के गंगा की बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। इस बार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कोरोना महामारी के मद्देनजर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पुनर्वास केंद्रों की भी व्यवस्था की गई है। राजापुर क्षेत्रों के गंगा की बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। इस बार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कोरोना महामारी के मद्देनजर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पुनर्वास केंद्रों की भी व्यवस्था की गई है।