विधानसभा में बोलते सपा विधायक डॉ. आरके वर्मा।
- फोटो : अमर उजाला।
गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़े ग्रीन फील्ड औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले दिए जा रहे मुआवजे से असंतुष्ट किसानों की आवाज विधानसभा तक पहुंच गई है। सपा विधानमंडल दल के उप मुख्य सचेतक व रानीगंज के विधायक डॉ. आरके वर्मा ने किसानों को बाजार दर पर मुआवजा देने की मांग उठाई है।
ग्रीन फील्ड औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले सरकार द्वारा किसानों को दिए जा रहे मुआवजे को लेकर बारी व माधोपुर उर्फ मलाक चतुरी व जूड़ापुर दादू गांवों के किसान संतुष्ट नहीं हैं। भारत लाल पटेल, सुरेश कुमार, मनीष, लालचंद मिश्र, मृत्युंजय, अश्वनी, विजय बहादुर, धनीराम, शमशेर बहादुर, ओम शिव, रामराज पटेल, विमल व सुभाष समेत 1665 किसानों की तकरीबन 100 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण ग्रीन फील्ड औद्योगिक गलियारे के लिए किया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि प्रति बीघा तकरीबन 27 लाख रुपये मुआवजा निर्धारित किया गया है जबकि वर्तमान समय में इन गांवों में बाजार दर पर प्रति बीघा जमीन एक से डेढ़ करोड़ रुपये के हिसाब से बिक रही है। डॉ. आरके वर्मा ने कहा कि इन किसानों को बाजार दर पर मुआवजा मिलना चाहिए और यह तभी संभव है, जब मुआवजे की राशि चार गुना बढ़ा दी जाए।
डॉ. आरके वर्मा ने इनर रिंग रोड वाराणसी राजमार्ग के पास ग्राम पंचायत अंदावा, तेंदुई भागीपुर, सरभउद्दीनपुर, अबूसा, बरियारी आदि ग्राम पंचायतों के किसानों को बाजार मूल्य के अनुसार चार गुना अधिकारी मुआवजा राशि देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि किसान की जमीन उसका सांविधानिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट क भी कहना है कि सर्किल रेट या बाजार मूल्य, दोनों में से जो भी अधिक है, उसकी के अनुरूप किसानों को चार गुना अधिक मुआवजा मिलना चाहिए।