साइबर ठगों ने तेलियरगंज के व्यवसायी समेत चार लोगों से 37.64 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश, बैंक में जमा रकम दोगुना करने का लालच दिया। एपीके फाइल डाउनलोड कराकर चपत लगा दी। सभी मामलों में साइबर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
सिविल लाइंस निवासी 72 वर्षीय निशीथ वर्मा के मोबाइल पर 28 मई को एक कॉल आई। उसने खुद को एक गैस कंपनी का प्रतिनिधि बताया और एपीके फाइल डाउनलोड करा दी। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा और एचडीएफसी बैंक के खातों से कुल 6.79 लाख रुपये निकाल लिए।
वहीं, तेलियरगंज के मेहंदौरी गांव निवासी व्यापारी रामबली के यूको बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने 6,03,169 रुपये निकाल लिए। पीड़ित के अनुसार, नौ अप्रैल को दोपहर के समय उनके खाते से रकम निकल गई जबकि उन्होंने कोई ऑनलाइन लेनदेन नहीं किया था।
रुपये दोगुने करने का झांसा देकर महिला से 12.54 लाख ठगे
नैनी के अरैल उपरहार क्षेत्र निवासी संगीता निषाद को साइबर ठगों ने बैंक कर्मचारी बनकर फोन किया। उन्होंने खाते में जमा रकम को कम समय में दोगुना करने का झांसा दिया। विश्वास में लेकर कई किस्तों में यूपीआई और आरटीजीएस के माध्यम से कुल 12.54 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में बैंक पहुंचने पर महिला को ठगी का पता चला।
क्रिप्टो निवेश के नाम पर दंपती से 12.28 लाख की ठगी
दरियाबाद निवासी जमाल मुस्तफा फेसबुक पर दिखे क्रिप्टो करेंसी निवेश के विज्ञापन के झांसे में आ गए। ठगों ने ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराकर अधिक मुनाफे का लालच दिया और कई किश्तों में 10.30 लाख रुपये जमा करा लिए। बाद में उनकी पत्नी के खाते से भी 1.98 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। कुल 12.28 लाख रुपये की ठगी के बाद आरोपी का मोबाइल बंद हो गया।