इलाहाबाद। संगमतट पर दिव्य शांति मिली है। त्रिवेणी में डुबकी लगाने का अनुभव अनूठा है। यह कहना कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस सुभ्रकमल मुखर्जी का है। पत्नी कृष्णा मुखर्जी के साथ संगम तट पर आध्यात्मिक अनुभूति के लिए आए न्यायमूर्ति मुखर्जी ने कहा कि सनातनी हूं और शास्त्रों का निर्देश मानता हूं इस लिए तीर्थराज में रहकर अपने धर्म का पालन कर रहा हूं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आस्था में कोई वाई नहीं चलता। कहा तीर्थराज आने का सौभाग्य हर साल मिलता रहे यही मां गंगा से प्रार्थना है।