स्व. राम नरेश यादव की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग।
- फोटो : संवाद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल राम नरेश यादव की 98वीं जयंती मनाई गई। बुधवार को स्व. राम नरेश यादव स्मारक सेवा संस्थान की ओर से उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उन्हें सादगी, ईमानदारी और सामाजिक न्याय का सशक्त प्रतीक बताते हुए उनके योगदान को याद किया।
संस्थान के महामंत्री हीरालाल यादव ने कहा कि राम नरेश यादव केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे। उनका पूरा जीवन सादगी, उच्च विचार और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने किसानों, गरीबों और असहाय लोगों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उच्च संवैधानिक पदों पर रहने के बावजूद वे आम लोगों के लिए हमेशा सहज उपलब्ध रहते थे।
डॉ. शिव कुमार यादव ने राम नरेश यादव के जीवन, उनके राजनीतिक सफर और समाज के कमजोर वर्गों के लिए किए गए संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर उनकी प्रतिबद्धता आज भी लोगों के लिए प्रेरणा है। कांग्रेस सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अंकित सिंह यादव ने कहा कि राम नरेश यादव एक कर्मयोगी और जनप्रिय नेता थे। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल की उपलब्धियां आज भी लोगों को याद हैं। उन्होंने राष्ट्रीय मूल्यों, सत्यनिष्ठा और ईमानदारी की राजनीति को हमेशा प्राथमिकता दी तथा किसानों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और गरीबों के हितों के लिए निरंतर कार्य किया।
अधिवक्ता कुंवर शेखर कुमार ने कहा कि राम नरेश यादव सच्चाई, सादगी और ईमानदारी के पर्याय थे। उन्होंने अधिवक्ता, शिक्षक और जनप्रतिनिधि के रूप में प्रत्येक दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किया। इस मौके पर श्री वृंदा प्रसाद हिंदू महिला बाल आश्रम, कटघर में अनाथ बच्चों को भोजन एवं फल वितरित किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से पौधरोपण भी किया गया। कार्यक्रम में रवि प्रकाश, प्रतिभा वर्मा, सरिता यादव, खुश प्रकाश, दिव्य कसेरा, मोहन जी टंडन, मनप्रीत कौर, आनंद मोहन, भरत भूषण आदि मौजूद रहे।