प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र।
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प्रदेश के दक्षिणी इलाके में औद्योगिक, आर्थिक और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र के गठन को लेकर संगम नगरी के लोग उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। मंजूरी मिलने के बाद यहां लॉजिस्टिक पार्क, आईटी हब, मेगा फूड पार्क बनाए जाने समेत उद्योगों के लिए कंपनियों को जगह दी जाएगी।
शासन के निर्देश पर प्रयागराज, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, कौशाम्बी, फतेहपुर जिले को शामिल करते हुए प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र का गठन किए जाने का प्रस्ताव पीडीए ने तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना है। प्रस्तावित क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 23053.00 वर्ग किमी होगा।
खास बात यह है कि इससे न केवल आर्थिक बदलाव होगा, बल्कि यहां रोजगार के अवसर मुहैया होंगे। गंगा एक्सप्रेसवे, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे आदि के निर्माण के उपरांत औद्योगिक विकास और चित्रकूट में रक्षा काॅरिडोर में निवेश आदि के माध्यम से रोजगार सृजन संभावित है।
तीन डीएम ने नहीं भेजे सुझाव
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने गठन को लेकर छह जिलों के डीएम को 30 मई तक अपने सुझाव पीडीए को भेजने का निर्देश दिया था। बाद में इसे 30 जून कर दिया गया। इसके बावजूद प्रयागराज, कौशाम्बी और फतेहपुर के डीएम ने अपने सुझाव नहीं दिए। जिन अधिकारियों ने सुझाव भेजे थे, उन्हें वापस करते हुए पर्यटन स्थलों को जोड़ कर भेजने का निर्देश दिया गया है।
शासन के निर्देश पर पीडीए ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें छह जिलों के डीएम से सुझाव मांगे गए हैं। इससे औद्योगिक और पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार और आय के दूसरे रास्ते भी खुलेंगे। - डॉ. अमित पाल शर्मा, उपाध्यक्ष पीडीए