महाकुंभ में हिस्सा लेने आई कैलगरी की सीए रेने।
- फोटो : अमर उजाला।
विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक-सांस्कृतिक समागम वाले महाकुंभ का वैभव देखने के लिए दुनिया के 20 देशों से विदेशी भक्त महाकुंभ में आएंगे। गंगा किनारे बसे क्रियायोग संस्थान में योगगुरु स्वामी योगी सत्यम की ओर से विदेशी भक्तों के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां चल रही हैं। तकरीबन दो माह तक प्रयागराज आने वाले विदेशी भक्तों के रहने और खाने की व्यवस्था संगम किनारे शिविर और आश्रमों में की जा रही है। यहां के 200 कमरों में उनके रहने का उचित प्रबंध किया जा रहा है।
भक्तगण आश्रम के भव्य शिविर में रोजाना सुबह-शाम क्रिया योग का अभ्यास करेंगे। आश्रम की सचिव मीरा माता और उपाध्यक्ष स्वामी शांतानंद ने बताया कि इटली, स्विट्जरलैंड के अलावा कनाडा, जर्मनी, ब्राजील, अमेरिका, आयरलैंड, सिंगापुर,लाटीविया, स्कॉटलैंड और पड़ोसी हिंदू राष्ट्र नेपाल से विदेशी भक्त विश्व के सबसे बड़े धार्मिक मेले में प्रयागराज आने को उत्सुक हैं। विदेशियों के आने का सिलसिला 15 दिसंबर के बाद से शुरू हो जाएगा।
कनाडा की डॉक्टर स्यू डाइमंड और सीए रेने भारतीय ज्ञान परंपरा की हैं दीवानी
गंगा के किनारे बसे क्रियायोग आश्रम से जुड़ी कनाडा की प्रसिद्ध महिला चिकित्सक डॉ. स्यू डाइमंड और कैलगरी की चाटर्ड एकांउटेंट रेने भारतीय ज्ञान परंपरा की खासी दीवानी हैं। इन्हें भारत आकर यहां की संस्कृति में रचना और बसना बेहद पसंद है। छह साल पहले हुए कुंभ के दौरान दोनों भारत आईं और संगम की रेती पर लगे विश्व के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को देख बेहद प्रभावित हुईं। तब यहां से जाते वक्त इन्होंने 2025 के महाकुंभ मेंं आने का संकल्प लिया था। महाकुंभ के लिए दोनों ने खास तैयारियां भी की हैं।