प्रयागराज। प्रशासन के अलावा सैकड़ों संस्थाएं भी भूखों को भोजन कराने में जुटी हैं। इसके बावजूद हजारों लोग भूखे रहने के लिए मजबूर हैं। आश्चर्यजनक यह कि इनमें दूसरे जिलों से आकर तैयारी करने वाले युवाओं की बड़ी संख्या है। इंडोनेशियाई नागरिक के कोरोना पाजिटिव पाए जाने के बाद लोगों में भय बढ़ गया है तथा कंट्रोल रूम के फोन की घंटी ज्यादा व्यस्त हो गई है. सोमवार को संदिग्धों को लेकर तो फोन आए ही, भोजन के लिए भी लगातार फोन आते रहे. सुबह से दिन में एक बजे बीच 100 से अधिक लोगों ने भोजन राशन के लिए फोन किया. इसमें झलवा, सुलेमसराय आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवाओं के फोन भी शामिल रहे. इनके लिए भोजन की व्यवस्था कराई गई. साथ ही के निर्देश पर सामुदायिक रसोई से नियमित तौर पर भोजन के पैकेट भेजने की व्यवस्था की गई. घर भेजे जाने की मांग दूसरे जिलों से तैयारी के लिए आए हजारों युवा यहां फंस गए हैं। लाकडाउन की वजह से अब उनके सामने भोजन की समस्या भी खडी़ हो गई है. इन लोगों ने कंट्रोल रूम में फोन करके घर भेजे जाने की व्यवस्था करने की भी मांग की।