बाढ़ से सावधान रहें, सुरक्षित रहें, अगर कहीं कोई अप्रिय घटना होती है तो प्रशासन आर्थिक मदद करेगा। बाढ़ में कतिपय कारणों से मौत होने पर चार लाख की सहायता प्रशासन मुहैया कराएगा। बशर्तें पोस्टमार्टम कराना होगा। इसके अलावा दिव्यांग होने पर 2.50 लाख, मकान की क्षति होने पर अधिकतम 1.20 लाख, पशुओं की मौत होने पर 37,500 और फसलों की क्षति होने पर 22,500 रुपये दिए जाएंगे।ब्यूरो
बाढ़ से सुरक्षा के लिए इसका रखें ध्यान
यह जरूरी
खाना ढक कर रखें एवं हल्का भोजन करें, बिजली के तार एवं ट्रांसफार्मर से दूर रहें।
आपातकालीन किट में एक छोटा रेडियो, टॉर्च, बैटरी, पानी, सूखा खाद्य पदार्थ, केरोसिन, मोमबत्ती व माचिस आदि पास रखें।
बिजली का मुख्य स्विच गैस रेग्युलेटर एवं शौचालय बंद रखें, सांप-बिच्छू आदि से सतर्क रहें।
पॉलीथिन या वाटरप्रूफ बैग हमेशा साथ रखें, जिसमें कपड़े, महंगे सामान छाता, चीनी और नमक आदि हो।
अगर जगह खाली करना जरूरी हो तो सबसे पहले कपड़े, दवाइयां, कीमती वस्तुएं और निजी कागजात को वाटरप्रूफ बैग में रख लें और आपातकालीन बाॅक्स भी साथ रखें।
यह न करें
बच्चों को बाढ़ के पानी के पास या पानी में न खेलने दें।
बिजली की वस्तुओं का इस्तेमाल न करें, जब तक कि उसे जांचा न गया हो, हो सकता है उसमें बाढ़ के पानी से करंट उतर आया हो।
बाढ़ से प्रभावित खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।
अज्ञात गहराई, तेज प्रवाह वाले पानी को कभी भी पार करने की कोशिश न करें।
अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं।
बाढ़ के पानी से भरे कुएं, तालाब या अन्य जल स्रोतों का उपयोग न करें, यह दूषित हो सकते हैं।
काम आने वाली आवश्यक सामान रखें
टॉर्च, सूखा खाना, क्लोरीन की गोलियां, मोमबत्ती एवं माचिस, दवाएं, मरहम पट्टी, रस्सी, नकद रुपये, सीलबंद पानी, चाकू, मोबाइल बैटरी।
यहां दें सूचना
किसी भी स्थिति में परेशानी आने पर इलाज के लिए एंबुलेंस 108, पुलिस सहायता के लिए 112 और राहत आपदा कंट्रोल रूम 1070 पर सूचना दे सकते हैं।