यूं तो शिवरात्रि हर माह में होती है, लेकिन महाशिवरात्रि इस साल फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी 15 फरवरी को है। जिसका महत्व हर माह की शिवरात्रि से विशेष है। क्षेत्र के प्रकांड पंडित राम पांडेय ने बताया कि इसी दिन शिव-पार्वती का विवाह हुआ था। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के व्रत, पूजा और जलाभिषेक से मन का अंधकार दूर होता है। इस दिन कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर और विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए भी व्रत रहती हैं। क्षेत्र के भय हरणनाथ धाम शिव मंदिर, बांका जलालपुर और बालाडीह में शिव भक्तों का मेला लगता है।