इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति डाॅ. गौतम चौधरी ने कहा कि भारत की हर भाषा अच्छी है। उनका रिश्ता मौसी जैसा है। यहां तक कि अंग्रेजी भी विलायतिया मौसी है, लेकिन हिंदी हमारी मां है। मां का सम्मान करना और बढ़ाना हमारी पहली जिम्मेदारी है।
न्यायमूर्ति डाॅ. गौतम चौधरी बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के लाइब्रेरी हाॅल में भारतीय भाषा अभियान के तहत ‘जनता को न्याय जनता की भाषा में’ विषयक संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। उन्हाेेंने कहा कि हिंदी तभी बढ़ेगी जब वह रोजी-रोटी से जुड़ेगी। इसके लिए हमेें अदालती कामकाज में हिंदी का प्रचलन बढ़ाना होगा। रुढ़ियों को तोड़ना होगा।
न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि हिंदी का उदय संस्कृत से हुआ है। संस्कृत का आज भले ही उपयोग में न हो मगर यह पूरी दुनिया मान चुकी है कि संस्कृत एक वैज्ञानिक भाषा है। विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता ने कहा कि भाषा उन्नति का आधार है।
इस अवसर पर हाईकोर्ट में हिंदी में काम करने वाले अधिवक्ता सर्वेश कुमार मिश्रा, सुधीर कुमार सिंह, सुधीर कुमार श्रीवास्तव अरविंद कुमार सिंह, विक्रांत नीरज, अनिल कुमार सिंह, रवीश कुमार सिंह, अखिलेश सिंह, राकेश कुमार, साधना सिंह, अमिताभ त्रिपाठी, चंद्रकेश मिश्रा, उग्रसेन कुमार, पांडे प्रशांत सिंह, सोम अरविंद कुमार तिवारी, संजय कुमार पाठक और वीरेंद्र सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल तिवारी ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार व संचालन डाॅ. प्रभाकर त्रिपाठी ने किया। आभार भारतीय भाषा अभियान काशी प्रांत के संयोजक अजय कुमार मिश्रा जय हिंद ने व्यक्त किया।