फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : डीएम के निरीक्षण में अनुपस्थित मिले आठ चिकित्सक, स्पष्टीकरण तलब

Wed, 20 Aug 2025 06:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बुधवार को तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आठ चिकित्सक अनुपस्थित मिले। उन्होंने नाराजगी जताते हुए अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. भावना शर्मा को अनुपस्थित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण तलब करने को कहा।
विज्ञापन
बेली अस्पताल में मरीज से हालचाल पूछते जिलाधिकारी मनीष वर्मा। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बुधवार को तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आठ चिकित्सक अनुपस्थित मिले। उन्होंने नाराजगी जताते हुए अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. भावना शर्मा को अनुपस्थित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण तलब करने को कहा।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया तो सर्जन डॉ. आरसी त्रिपाठी, निश्चेतक डॉ. अभिषेक मिश्रा, दंत चिकित्सक डॉ. मनीषा अग्रवाल, निश्चेतक डॉ. सैनी तिवारी, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. विमलेंदु शेखर, पैथोलॉजिस्ट डॉ. सुरेश सिंह व माइक्रो बायोलॉजिस्ट डॉ. मनीष कुमार मिश्रा अनुपस्थित पाए गए।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को अनुपस्थित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण लेकर एक सप्ताह में प्रस्तुत करने को कहा। निरीक्षण में पाया गया कि निश्चेतक डॉ. अभिषेक मिश्रा जनवरी-2025 से बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित हैं। डीएम ने शासन को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराने को कहा।

वहीं ओपीडी के बाहर इंतजार कर रहे लोगों और आभा आईडी काउंटर पर लोगों के बैठने की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक ओपीडी कक्ष में टोकन जेनरेशन मशीन और प्रतीक्षा नंबर डिस्प्ले बोर्ड लगाने के लिए कहा। डीएम ने अस्पताल परिसर में आने वाले बच्चों के लिए खाली स्थान पर खिलौनों के साथ खेलने की व्यवस्था करने को कहा।

इसके अलावा पार्किंग की समुचित व्यवस्था का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने मरीजों से बातचीत कर उनकी बीमारियों, समस्याओं और चिकित्सालय की सुविधाओं के साथ ही इलाज के बारे में भी जानकारी ली।

चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके सिंह ने बताया कि जनपद के मेडिकल स्टोरों पर बिना परामर्श के स्टेरॉयड दवाएं बेची जाती हैं जिससे लोगों को चर्म रोग होते हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर को बिना परामर्श के स्टेरॉयड बेचने वाले मेडिकल स्टोरों पर छापा मारने और लाइसेंस निरस्त करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत जेनरिक मेडिकल स्टोर का संचालन शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए भी कहा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें