मीरगंज (बरेली)। शाही थाने के गांव खेऊ की गौटिया में भीमवती की हत्या उसके पति नेपाल सिंह ने ही की थी। पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
आरोपी नेपाल सिंह ने आरोप लगाया कि गांव निवासी अविवाहित युवक से पत्नी के प्रेम संबंध थे। इससे गांव में उसकी बदनामी हो रही थी। शुक्रवार को वह मायके से आई थी। शनिवार को उसने भीमवती को काफी समझाया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी। इसी बात पर रात में दोनों में झगड़ा हुआ था। गुस्से में उसने पत्नी को पीटा था। सिर दीवार में लगने से भीमवती बेहोश हो गई थी। उसे मरा समझकर ठिकाने लगाने के लिए उसे खींचकर खेत में ले गया।
वहां पुआल के ढेर में बेहोश पत्नी को रखकर आग लगा दी और घर आकर लेट गया। सुबह पांच बजे वह फिर उठकर वहां देखने गया तो भीमवती का शव जल रहा था। उसे देखकर फिर घर आ गया। सुबह साढ़े सात बजे पुआल में लगी आग और झुलसा शव देख वहां भीड़ जुट गई। साढ़े नौ बजे पुलिस के बुलाने पर नेपाल सिंह पहुंचा तो शव की पहचान पत्नी भीमवती के रूप में की। फिर हत्या का आरोप पत्नी के कथित प्रेमी पर लगा दिया।
पुराना शातिर था, पूरे समय बंद रखा मोबाइल फोन
नेपाल सिंह पहले भी एक ग्रामीण मेघनाद की हत्या में वांछित रहा है। भीमवती से विवाद के बाद ही उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया था, ताकि उसकी लोकेशन न बदले। शव की पहचान होने के बाद उसने अपना मोबाइल खोला। ससुरालवालों को कॉल करके बुलाया पर पत्नी की हत्या की बात छिपाई। पुलिस को उसने भाई मूलचंद के साथ पत्नी को ढूंढने की बात बताई। पुलिस ने मूलचंद से पूछताछ की तो उसका झूठ खुल गया। वहीं, भीमवती के भाई ने बताया कि अकेला व्यक्ति किसी को इतनी बेरहमी से नहीं मार सकता। घटना में नेपाल सिंह के परिजनों या किसी अन्य भी हाथ रहा होगा।
वर्जन
आरोपी नेपाल सिंह ने अकेले ही हत्या करने की बात कबूली है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।- मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी देहात