इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के नए अध्यक्ष डॉ. शरद अग्रवाल की तरफ से आईएमए राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन 2022 में बीते बुधवार को चिकित्सा शिक्षा में हो रहे बदलाव को मिक्सोपैथी कहने पर नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) ने आपत्ति जताई है। नीमा अध्यक्ष डॉ. एसके राय ने कहा है कि 90 फीसदी अस्पताल नीमा से जुड़े चिकित्सकों के भरोसे ही चल रहे हैं। आईएमए हल्के बयान न दे।
गाजियाबाद निवासी आईएमए के नवनियुक्त अध्यक्ष ने बुधवार को ही यहां कार्यभार संभालने के बाद यह बयान दिया था। इस पर नीमा अध्यक्ष के साथ महासचिव डॉ. अरविंद मिश्रा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. एसबी यादव ने कहा कि आज एक राष्ट्र, एक चिकित्सा सिद्धांत को चरितार्थ करने के लिए समन्वय चिकित्सा (इंटीग्रेटेड टर्म) की जरूरत है। आईएमए के हल्के बयान इस दिशा में नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। नीमा इस प्रकार के बयान की भर्त्सना करती है। ऐसे वक्तव्य को राष्ट्र द्रोह की संज्ञा दे देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड चिकित्सकों का निर्धारण आयुष मंत्रालय करता है। मिक्सौपैथी शब्द का ईजाद आईएमए ने किया है। ताकि हमारी विधा को कमतर बताया जा सके। वे भूल गए हैं कि सीएचसी, पीएचसी पर नीमा से जुड़े चिकित्सक भी सरकार ने नियुक्त किए हैं।