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UP: लड़खड़ाते कदमों से पत्नी संग सुरक्षा मांगने पहुंचा दिव्यांग पार्षद....भावुक कोर्ट ने मुहैया कराई व्हीलचेयर

Thu, 04 Dec 2025 12:58 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महानिबंधक से दिव्यांग याचियाें को अदालत तक पहुंचाने की व्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पूछा है कि ऐसे याचियों की सहायता के लिए हाईकोर्ट में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं। अगर सुविधाएं हैं तो उनका वास्तविक हाल क्या है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महानिबंधक से दिव्यांग याचियाें को अदालत तक पहुंचाने की व्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पूछा है कि ऐसे याचियों की सहायता के लिए हाईकोर्ट में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं। अगर सुविधाएं हैं तो उनका वास्तविक हाल क्या है? यह सवाल न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने तब पूछा, जब उनकी अदालत में परिवार के खिलाफ शादी करने वाला आगरा का दिव्यांग पार्षद सुरक्षा की गुहार लगाने लड़खड़ाते कदमों से नवविवाहिता संग पहुंचा।

यह भावुक दृश्य देख अदालत ने तुरंत हाईकोर्ट के महानिबंधक कार्यालय (रजिस्ट्री) को व्हीलचेयर और सहायक उपलब्ध कराने का आदेश दिया। साथ ही सख्त लहजे में पूछा कि कोर्ट में दिव्यांग याचियों को मिलने वालीं सुविधाएं जमीन पर क्यों नहीं दिख रही। रजिस्ट्री की ओर से बताया गया कि दिव्यांग याची ने अदालत में आने की सूचना नहीं दी थी। यदि दी होती तो उन्हें सुविधा प्रदान की जाती। हालांकि, जवाब से असंतुष्ट कोर्ट ने 10 दिसंबर तक सुविधाओं की रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

इस दौरान अपर शासकीय अधिवक्ता परितोष कुमार मालवीय ने बताया कि दोनों बालिग हैं। युवती ने पुलिस व मजिस्ट्रेट के समक्ष साफ कहा है कि वह पति के साथ ही रहना चाहती है। लिहाजा, कोर्ट ने डीसीपी आगरा को दंपती की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने जोड़े की मोहब्बत और संघर्ष को सराहा

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि दिव्यांग युवक आगरा का निर्वाचित पार्षद है। शारीरिक अक्षमता के बावजूद दोनों की मोहब्बत और उनके संघर्ष को सराहा। कहा कि विरोध के बावजूद दाेनों का यह संघर्ष उनकी अदम्य इच्छाशक्ति का प्रमाण है। इसके लिए वह न सिर्फ सुरक्षा, बल्कि सम्मान के साथ जीवन जीने के भी हकदार हैं।

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