शिक्षक की बहाली के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने वाराणसी के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को एक मई 2025 तक नियुक्ति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा, यदि प्रबंधन समिति शिक्षक को नियुक्ति से रोकती है, तो शिक्षा विभाग उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करेगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय की पीठ ने शिक्षक विनय कुमार सिंह की अवमानना अर्जी पर दिया। रामबाबा इंटर कॉलेज सिंधोरा, वाराणसी में कार्यरत शिक्षक की याचिका पर कोर्ट ने 12 अप्रैल-2024 को आदेश दिया था, उन्हें सेवा में बहाल कर वेतन दिया जाए।
आदेश का पालन नहीं करने पर याची ने हाईकोर्ट में अवमानना अर्जी दाखिल की। अवमानना अर्जी पर कोर्ट ने डीआईओएस के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था और 28 अप्रैल को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया था। इस पर डीआईओएस ने 22 अप्रैल-2025 को वेतन भुगतान का आदेश पारित कर दिया, लेकिन स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षक को ज्वाॅइन नहीं कराया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा, प्रबंधन समिति का ऐसा रवैया अदालत के आदेश की अवहेलना है।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि एक मई-2025 तक शिक्षक को ज्वाॅइनिंग नहीं दी जाती, तो डीआईओएस स्वयं स्कूल में उपस्थित रहकर बहाली सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही डीआईओएस को जुलाई-2025 के पहले सप्ताह में अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया गया है।