शीशगढ़ (बरेली)। हनी ट्रैप गिरोह में शामिल न होने पर आरोपियों ने एक युवती की प्रोफाइल पिक्चर लगाकर सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बना दिया। इसके बाद इस अकाउंट से आपत्तिजनक सामग्री साझा की। जानकारी होने पर युवती ने तीन नामजद सहित सात से आठ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रामपुर निवासी युवती ने बताया कि वह रुद्रपुर में रहकर नौकरी करती है। शीशगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक उसका मित्र है। उक्त युवक का रूम पार्टनर बल्ली निवासी इंद्रपाल लोगों को हनी ट्रैप में फंसाकर ठगी करता है। इंद्रपाल के गिरोह में कामना नाम की एक लड़की भी शामिल हैं। कामना के जरिये वह सीधे-सादे लोगों को झांसे में फंसाते।
दोस्ती के नाम पर वीडियो कॉल करके वह उन लोगों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लेती। इसके बाद इन फोटो और वीडियो को वायरल करके बदनाम करने और झूठा मुकदमा दर्ज कराने के नाम पर वह लोग ठगी करते। वह लोग उसे भी अपने गिरोह में शामिल करना चाहते हैं। ऐसा न करने पर कामना ने उसके मित्र के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद 15 लाख रुपये देने का दबाव बनाया।
आरोपियों ने उसकी प्रोफाइल फोटो लगाकर छद्म नाम से सोशल मीडिया अकाउंट बना लिया। इस अकाउंट से अब आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की जा रही है। युवती ने मामले की शिकायत एसएसपी से की। इसके बाद पुलिस ने कामना, इंद्रपाल और आकाश सहित सात से आठ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर रविंदर कुमार ने जांच के बाद मामले में कार्रवाई की बात कही।
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ऋण दिलाने के नाम पर झोलाछाप ने की ठगी
रिठौरा। भोजीपुरा थाना क्षेत्र निवासी झोलाछाप ने ऋण दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से हजारों रुपये ठग लिए। रुपये देने के बाद भी ऋण न मिलने पर पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की। इसको लेकर बृहस्पतिवार को पुलिस चौकी में जमकर हंगामा हुआ। एक सप्ताह में रुपये लौटाने का आश्वासन मिलने पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
थाना हाफिजगंज के गांव नौवा नगला निवासी बीए के छात्र आदेश ने बताया कि आरोपी ने ऋण दिलवाने का झांसा देकर पांच हजार रुपये खाते में डलवाए थे। आरोपी ने गांव की राजेश्वरी, अनिल कुमार, बबलू आदि से करीब 50 हजार रुपये ठग लिए। इसके बाद वह और रुपये मांगने लगा। शक होने पर उन्होंने उसे गांव बुलाया मगर, वह नहीं आया।
बृहस्पतिवार को पीड़ित ट्रैक्टर-ट्रॉली से रिठौरा पहुंचे। यहां उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। उसे पुलिस चौकी लाया गया। यहां आरोपी ने एक सप्ताह में रुपये लौटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। संवाद