पथरचट्टी की रामलीला में सोमवार को मेघनाद के किरदार की झलक पाने के लिए लीला प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी। महाभारत में अर्जुन की भूमिका निभाकर लोकप्रियता हासिल करने वाले अभिनेता फिरोज खान पहली बार पथरचट्टी में मेघनाद के रूप में मंच पर आए तो करतलध्वनि के साथ उनका स्वागत किया गया। इस दिन की लीला में राम की वानरी सेना के हाथों कुंभकर्ण और मेघनाद दोनों का वध हो गया।
अभिनेता फिरोज खान मेघनाद के मेकअप में रात करीब 10 बजे मंच पर तब आए जब रावण के दरबार में अंगद ने पांव जमा लिया था। रावण दल के एक से एक बलशाली सैनिक अंगद का पांव हिला तक नहीं सके। इसके बाद मेघनाद ने भी कोशिश की, लेकिन अंगद का पांव जमा ही रह गया। उधर, संधि वार्ता टूटने के बाद राम की वानरी सेना ने लंका पर चढ़ाई कर दी। भीषण युद्ध में सेना के संहार के साथ ही रावण दल के पराक्रमी भाई कुंभकरण और पुत्र मेघनाद दोनों मारे गए। इससे रावण अकेला पड़ गया। लीला की शुरुआत वानरी सेना के साथ राम-लक्ष्मण के समुद्र पार लंका के मुहाने पर पहुंचने से हुई। लीला में कुंभकरण के मारे जाने के बाद इंद्रजीत मेघनाद आता है। वह अपने बाणों से लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। इससे रामदल में हाहाकार मच गया। इसके बाद हनुमान जी संजीवनी बूटी लेकर आते हैं। रामलीला के दौरान कमेटी के तमाम पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।