इलाहाबाद हाइकोर्ट में पैगंबर मोहम्मद साहब पर महंत महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद के विवादित बयान के खिलाफ दाखिल जनहित पर आपराधिक क्षेत्राधिकार वाली अदालत सुनवाई करेगी। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने मामले को आपराधिक प्रकृति का मानाते हुए मामले को उपयुक्त अदालत के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश हजरत ख्वाजा गरीब नवाज वेलफेयर एसोसिएशन महाराष्ट्र नाम की संस्था के एटा निवासी सचिव मोहम्मद यूसुफ व अन्य की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर दिया है।
बता दें कि गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद ने दशहरे के त्यौहार से पहले एक कार्यक्रम के दौरान रावण और उसके भाइयों की तारीफ करते हुए पैगंबर हम्मद साहब और कुरान को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसका विडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इस टिप्पणी के बाद पुलिस ने यति नरसिंहानंद को हिरासत में भी लिया था। यूपी समेत देश में तमाम जगहों पर प्रदर्शन भी हुए थे।
याची की अधिवक्ता सेहर नकवी और माे. आरिफ ने याचिका में दलील दी है कि नरसिंहानंद सोशल मीडिया समेत अन्य प्लेटफार्म पर भडकाऊ धार्मिक बयान देकर देश का माहौल खराब कर रहे हैं। विवादित धार्मिक बयान देने से उन्हें रोका जाए। सोशल मीडिया से विवादित बयान वाले पोस्ट हटाने का निर्देश दिया जाए। उनका बयान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। उन पर देश के कई थानों में विवादित बयान देने के मामले में मुकदमा दर्ज है। लेकिन पुलिस प्रभावी कर्रवाई नहीं कर रही।