थाना क्षेत्र के बीकर गांव में शुक्रवार सुबह एक युवक ने गोली मारकर हत्या कर ली। घटना करीब सुबह छह बजे की है। उसकी पत्नी कमरे के बाहर थी। गोली चलने की आवाज सुनकर वह अंदर कमरे में भागी। वहां बिस्तर पर खून से लथपथ युवक तड़प रहा था। पत्नी ने शोर मचाया तो लोग जुटे। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। गांव में युवक की हत्या की खबर फैल गई। जिस पर गांव में तनाव फैल गया। मामले की सूचना मिलते ही एसपी यमुनापार फोर्स लेकर पहुंच गए। पुलिस ने मामला संभाला। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर चीरघर भेज दिया।
बीकर गांव का आशीष निषाद (28) पुत्र स्व.अशोक निषाद मजदूरी करता था। सुबह उसकी पत्नी कल्पना सोकर उठी। इसके बाद अपने ढाई महीने के बेटे को लेकर बाहर चली गई। इस बीच उसने गोली चलने की आवाज सुनी। वह अंदर कमरे की ओर भागी। कमरे में आशीष बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा छटपटा रहा था। गोली उसकी कनपटी में लगी थी। बगल में ही तमंचा पड़ा था। उसने शोर मचाया तो घर परिवार ओर पड़ोस के लोग आ गए। लोग उसे अस्पताल ले जाने का इंतजार करने लगे तभी उसकी मौत हो गई। इधर, गांव में आशीष की हत्या की अफवाह फैल गई। गांव में गुटबाजी होने की वजह से एक पक्ष में तनाव फैल गया।
आशीष की एक परिवार से रंजिश चल रही है। मामले में गवाही हो चुकी है। आशीष पर कुल्हाड़ी से घातक प्रहार करने का आरोप है। ऐसे में लोगों को लगा कि उसी परिवार के लोगों ने घटना को अंजाम दिया है। गांव में तनाव की खबर पता चलते ही एसपी यमुनापार अशोक राय, सीओ करछना बृजनंदन राय कई थानों की फोर्स लेकर पहुंच गए। छानबीन के बाद मामला आत्महत्या का ही लगा। इस पर पुलिस ने जांच का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।
गांव में कुछ दिनों पहले हुई घटना में आशीष को नामजद किया गया था। मामले में गवाही चल रही है। ऐसे में आशीष सजा होने के डर से कई दिनों से तनाव में था। मामले में फौरी तौर पर यही सामने आया है कि आशीष ने तनाव में आत्महत्या कर ली है। वहीं, उसकी मौत से अब घर परिवार का बुरा हाल है। पिता की मौत के बाद आशीष ने ही घर संभाला। वह तीन भाई और दो बहन में सबसे बड़ा था। उससे छोटी बहन अंजली की शादी झूंसी में हुई है। जबकि छोटा भाई शिवाजी मजदूरी करता है। वहीं छोटे भाई शुभम निषाद और बहन अर्चना कक्षा छह में पढ़ते हैं।