सरायइनायत इलाके के यरना कुटिया गांव में बुधवार दोपहर ईंट-भट्ठा में ताजी बनी पानी टंकी ढहने से वहां मौजूद महिला-पुरुष मजदूर चपेट में आ गए। वे सभी वहां नहाने के लिए जुटे थे। इस अनहोनी में एक मजदूर की मौत हो गई जबकि सात लोग जख्मी हुए। हादसे से वहां कोहराम मच गया। गुस्साए मजदूरों ने भट्ठा कर्मचारियों को खदेड़ लिया। खबर पाकर पुलिस पहुंची और घायल मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया। मृत मजदूर का शव सीलकर पोस्टमार्टम हाउस में रख दिया गया। भट्ठा मालिक के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।
यरना कुटिया गांव में कौशलेंद्र सिंह का ईंट-भट्ठा है। करीब तीन महीने से वहां विलासपुर और रायपुर के मजदूर आकर ईंट पथाई और पकाने की मजदूरी कर रहे हैं। पिछले महीने मजदूरों ने यह कहकर काम ठप कर दिया था कि पानी की कमी से उन्हें नहाने और कपड़े साफ करने में दिक्कत होती है। मजदूरों के दबाव में भट्ठा परिसर में ईट और सीमेंट से करीब दस फुट ऊंची और आठ फुट चौड़ी पानी टंकी तैयार की गई। बुधवार को ही टंकी में पानी भरा गया। दोपहर करीब बारह बजे कई महिला-पुरुष मजदूर टंकी के पास बैठकर नहाने के साथ ही कपड़े धुल रहे थे। तभी अचानक टंकी की दीवार ढह गई।
पूरा मलबा मजदूरों पर जा गिरा। मजदूर उसके नीचे दब गए। चीख-पुकार और कोहराम मच गया। करीब के दूसरे भट्ठों के भी मजदूर वहां पहुंच गए। मलबा हटाकर दबे मजदूरों को निकाला गया। जेसीबी को भी मलबा हटाने में लगाया गया। तभी एसओ सरायइनायत अमित मिश्रा भी सीओ फूलपुर एमपी सलोनिया के साथ आ गए। हादसे में एक मजदूर दयालू (55) की मौत हो गई थी। वह छत्तीसगढ़ के विलासपुर जनपद का रहने वाला था।
इसके अलावा राजिम (20), शीतला (24), संतोषी बाई (40), उसका बेटा राजनंदन (19), चारू बाई (22), देवनाथ (19), बटेश्वर (20) गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया। घटना के बाद मजदूरों ने भट्ठा के दूसरे कर्मचारियों को घेर लिया। खतरा भांपकर कर्मचारी वहां से भाग गए। आरोप है कि टंकी बनाने में दोयम ईंट का इस्तेमाल किया गया था जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। मृतक दयालू की पत्नी की तहरीर पर भट्ठा मालिक अंदावा निवासी कौशलेंद्र, उनके भाई भूपेंद्र, मुंशी ननका, सुरेंद्र सिंह और कौशलेंद्र के चाचा के खिलाफ दफा 304 के तहत केस लिखा गया। सरायइनायत थानाध्यक्ष अमित मिश्रा ने बताया कि मुकदमा लिखकर आरोपियों की तलाश की जा रही है।