मुंबई में 27 अक्टूबर को एक बड़े व्यापारी के घर दो करोड़ की लूट के मामले में एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच ने सोमवार को बैंक रोड के पास दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथियों के पकड़े जाने के बाद दोनों इलाहाबाद भाग आए थे। यहां सिविल लाइंस में एक होटल में रुकने के बाद दोनों कौशांबी एक परिचित के घर ठहरे थे।
मुंबई के वासी इलाके के सेक्टर 17 में रहने वाले व्यवसायी अरुण मेकुदाले के घर 27 अक्टूबर को दो करोड़ नकद और लाखों के आभूषणों की डकैती हुई थी। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज से मुंबई क्राइम ब्रांच ने उमर नाम के बदमाश को पहचान लिया था, जो पहले ही लूट में जेल जा चुका था। उसी से पूछताछ के बाद मामले का खुलासा हो गया था। पुलिस ने सुभाष पाटिल, मुन्ना, सनी, खुशी और अनीता मसाने को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पूछताछ में ठाणे वेस्ट के रहने वाले शंकर रामचंद्र तेलंगे और फिरोज शेख का का नाम पता चला था। उनके मोबाइल की लोकेशन इलाहाबाद में मिली तो क्राइम ब्रांच ने एसटीएफ के एसएसपी से संपर्क किया। उन्होंने इलाहाबाद यूनिट के एएसपी प्रवीण सिंह चौहान को लगाया तो बदमाशों की खोजबीन शुरू हो गई। मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम भी रविवार को यहां पहुंच गई थी।
सोमवार को एसटीएफ इंस्पेक्टर अजय सिंह, इंस्पेक्टर अतुल सिंह की टीम ने मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम के साथ कर्नलगंज थाना क्षेत्र के बैंक रोड से शंकर तेलंगे और फिरोज शेख को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास लगभग साढ़े छह लाख रुपये बरामद हो गए। दोनों से पूछताछ में जो जानकारी मिली, उसके मुताबिक शंकर मुंबई में माडलिंग के अलावा बालू के ठेके का भी काम करता था। पिछले साल नोटबंदी के बाद उसके कई करोड़ रुपये फंस गए थे। इसी के बाद वह फिरोज और सुभाष आदि के साथ अपराध की दुनिया में उतरा और लोगों से छोटे-मोटे फ्राड करने लगा। उन्होंने अपने गिरोह में खुशी और अनीता मसाने को शामिल किया। अनीता ने व्यवसायी अरुण मेकुदाले के घर करोड़ों रुपये होने की मुखबिरी की थी।
इसी के बाद 11 लोगों की टीम ने प्लानिंग की। खुशी ने कूरियर गर्ल बनकर व्यवसायी का दरवाजा खुलवाया और आधा दर्जन बदमाशों ने घर की महिलाओं को बंधक बनाकर कुछ ही देर में दो करोड़ नकद और लाखों के गहने लूट लिए। सुभाष के घर लूट के रुपयों का बंटवारा हुआ। इसी बीच जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की सहायता से कुछ लोगों को पकड़ा तो शंकर और फिरोज इलाहाबाद भाग आए। यहां तीन दिन सिविल लाइंस के एक होटल में बिताने के बाद वे मुंबई के ही एक कारोबारी के घर रहने के लिए चले गए। दोनों की प्लानिंग मंगलवार को इलाहाबाद से निकलने की थी, उससे पहले ही दोनों को दबोच लिया गया।
व्यवसायी अरुण के घर में करोड़ों रुपये होने की मुखबिरी करने वाली अनीता मसाने मुंबई पुलिस के सिपाही की पत्नी है। वह शंकर और सुभाष से संपर्क में आने के बाद अपराधी बन गई। उसने यह भी मुखबिरी की थी कि व्यवसायी के घर सीसीटीवी नहीं लगा है लेकिन गिरोह की किस्मत खराब थी। घटना से ठीक एक दिन पहले व्यवसायी ने घर पर सीसीटीवी लगवाया था। फुटेज मिलने के बाद पुलिस एक बदमाश उमर को पहचान लिया और मामले का खुलासा हो गया।
मुंबई की सनसनीखेज डकैती में शंकर और फिरोज के पकड़े जाने के बाद कुल मिलाकर सात बदमाश गिरफ्तार हो चुके हैं। सुभाष पाटिल, मुन्ना, खुशी, शनि और अनीता के पास 55 लाख बरामद हो चुके हैं। शंकर और फिरोज से लगभग साढ़े छह लाख बरामद हो गए। उन्होंने बताया कि 25-30 लाख रुपये उन्होंने घर पर छिपाए हैं। कर्नलगंज थाने में लिखापढ़ी के बाद पैसों की बरामदगी के लिए मुंबई पुलिस दोनों को फ्लाइट से मुंबई ले गई है। अभी चार लोगों की गिरफ्तारी बची हुई है।