घूरपुर थाना क्षेत्र के नीबी गांव में रहने वाली एक महिला और उसके दो बच्चे संदिग्ध हालत में मृत पाए गए। बच्चों की लाश गांव के पास ही पानी भरे गड्ढे में मिली। वहीं मां की लाश औद्योगिक थाना क्षेत्र के बजहा गांव में मिली। पुलिस का कहना है कि बच्चों को गड्ढे में फेंकने के बाद महिला ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। जबकि मायकेवाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं। सीओ करछना रत्नेश सिंह का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
घूरपुर के चक गौरी शंकर गांव निवासी जितेन्द्र यादव किसान है। शुक्रवार रात किसी बात पर उसका पत्नी सुमन से झगड़ा हो गया। पुलिस के मुताबिक, इसी से नाराज होकर सुमन शनिवार भोर में बेटी सुनीता (10) व बेटे करन (8) को लेकर घर से निकल गई। जीतेंद्र ने बहुत खोजबीन की लेकिन बच्चों और सुमन का कोई पता नहीं चला। रविवार सुबह गांव के कुछ लोग रेलवे के फ्रेट कोरिडोर निर्माण स्थल की ओर गए तो वहां बने गड्ढे में बालिका की लाश उतराती दिखी। गांववालों ने करीब जाकर देखा तो पता चला कि लाश सुनीता की है। खबर मिली तो रोते-बिलखते परिवारवाले पहुंच गए।
गांव के ही कुछ लोग गड्ढे में उतरे तो करन का भी शव मिल गया। दोनों बच्चों के शव मिलने की खबर मिली तो गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। इसी दौरान पता चला कि शनिवार शाम को औद्योगिक क्षेत्र थाना के बजहा गांव के पास एक महिला की लाश रेलवे ट्रैक पर मिली थी। आशंका थी कि हो सकता है कि शव सुमन का हो। इस पर ससुर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो उन्होंने मृतका की शिनाख्त सुमन के रूप में की। सीओ ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। जांच की जा रही है।