माननीयों के मुकदमों की सुनवाई हेतु गठित विशेष न्यायालय ने अपना कामकाज शनिवार से शुरू कर दिया है। इलाहाबाद के पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व सासंद अतीक और विधायक विजय मिश्र के मुकदमे विशेष न्यायालय पहुंच गए हैं। हालांकि पहले दिन इनमें सिर्फ डेट लगी है, मगर 27 अगस्त से इसकी विधिवत सुनवाई प्रारंभ हो जाएगी।
दशकों से लंबित इन मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के लिए ही विशेष न्यायालय का गठन किया गया है। इसलिए त्वरित सुनवाई और निस्तारण की उम्मीद है। विशेष न्यायालय के पीठासीन अधिकारी पवन कुमार तिवारी ने शनिवार को कार्यभार ग्रहण करते ही इन मुकदमों की फाइलें तलब कर सुनवाई शुरू कर दी। अभी प्रदेश भर के सांसदों और विधायकों की फाइलें भी यहां आनी है। इसके लिए प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। हाईकोर्ट ने सभी न्यायालयों को पहले ही आदेश जारी कर दिया है कि एमपी, एमएलए के आपराधिक मुकदमों की फाइलें विशेष अदालत को स्थानांतरित कर दी जाए। विशेष कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और जिले के डीएम और एसएसपी को पीठासीन अधिकारी और उनके आवास की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में पत्र लिखा है।
बहुमंजिले न्यायभवन में जहां पहले एडीजे छह का न्यायालय था, उसी कोर्ट रूम में विशेष कोर्ट एमपी एमएलए बनायी गयी है। जिला जज ने कोर्ट के लिए पेशकार, कार्यालय लिपिक और पीए की नियुक्ति कर दी गई है।
जनपद न्यायालय इलाहाबाद में लंबित माननीयों के मुकदमों को विशेष न्यायालय में अन्तरित किए जाने का आदेश जिला जज ने कर दिया है। जिसके क्रम में शनिवार को सुनवाई के लिए नियत जवाहर हत्याकांड में सरकार बनाम उदयभान करवरिया आदि के मुकदमे, गैंगस्टर कोर्ट में चल रहे नंदी पर हमला मामले का मुकदमा सरकार बनाम विजय मिश्रा आदि और राजूपाल हत्याकांड में गवाह को धमकाने के सरकार बनाम अतीक अहमद आदि के मुकदमों की सुनवाई जिन अदालतों में हो रही थी नहीं हुई। इन सभी मुकदमों को विशेष कोर्ट में अंतरित कर दिया गया है, जिसकी नियमित सुनवाई 27 अगस्त से होगी ।