शंकरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित रानीगंज क्रॉसिंग के पास मंगलवार रात दिल्ली जा रहे तीन युवकों को रीवांचल एक्सप्रेस से नीचे धकेल दिया गया। गंभीर रूप से चोटिल होने के कारण एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य दोनों की भी हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें एसआरएन अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल यह नहीं पता स्पष्ट हो सका है कि किस विवाद में इस घटना को अंजाम दिया गया। खबर लिखे जाने तक जीआरपी मौके पर जांच पड़ताल में जुटी थी।
शंकरगढ़ स्टेशन से 500 मीटर की दूरी पर ही रानीगंज क्रॉसिंग स्थित है। मंगलवार रात करीब आठ बजे रीवा से दिल्ली जा रही रीवांचल एक्सप्रेस आगे के लिए रवाना हुई। ट्रेन अभी रानीगंज क्रॉसिंग पर ही पहुंची ट्रेन में बैठे तीन युवकों को किसी ने नीचे धकेल दिया। गंभीर रूप से चोटिल होने के कारण एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य दोनों भी चोटिल हुए। कुछ देर बाद क्रॉसिंग से होकर गुजर रहे राहगीरों की नजर पड़ी तो उनके होश उड़ गए। उनकी सूचना पर शंकरगढ़ थाने की पुलिस और कुछ देर बाद जीआरपी पहुंची। तलाशी के दौरान मृत युवक की जेब से उसका आधार कार्ड मिला, जिसमें यतेंद्र कुमार(22)पुत्र छत्रपाल सिंह निवासी बझेड़ा, बुलंदशहर लिखा था। उधर, घायल युवकों ने अपना नाम ऋषि तिवारी निवासी सिमरिया रीवा व शिवाकांत तिवारी निवासी सतना मप्र बताया। घायल शिवाकांत ने बताया कि वह दिल्ली में रहकर गुरुकुल से पढ़ाई कर रहा है। जबकि ऋषि उसका दोस्त है और वह उसके साथ ही किसी काम से दिल्ली जा रहा था। पुलिस ने उन्हें घायल अवस्था में सीएचसी भेजा जहां से दोनों को एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। शंकरगढ़ एसओ विजय विक्रम सिंह ने बताया कि घायलों को एसआरएन भेजा गया है।
मानो किसी ने धक्का दे दिया
एसआरएन अस्पताल भेजे जाने से पहले सीएचसी में घायल शिवाकांत ने पुलिस को बताया कि वह और उसका दोस्त ऋषि मृतक यतेंद्र को नहीं पहचानते। वह ट्रेन में ही मिला था। तीनों गेट पर ही बैठे थे कि इसी दौरान अचानक ऐसा महसूस हुआ कि किसी ने उन्हें पीछे से धक्का दे दिया। होश आया तो तीनों नीचे गिरे थे और ट्रेन जा चुकी थी। हालांकि वह यह नहीं बता सका कि धक्का देने की वजह क्या रही। उधर सीओ जीआरपी झांसी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल तीनों युवकों के ट्रेन से गिरने की ही बात पता चली है। मौके पर स्थानीय जीआरपी थाना पुलिस को भेजा गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।