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सेविका के सामने डांटा तो रत्नेश्वरानंद को मार डाला

Fri, 23 Jan 2015 12:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद। माघ मेला में सतपाल महाराज की मानव उत्थान सेवा समिति के शिविर के संचालक रत्नेश्वरानंद की हत्या सेवक राजेश गौड़ ने बेइज्जती का बदला लेने के लिए की थी। मौनी अमावस्या स्नान के एक दिन पूर्व 19 जनवरी को मथुरा से आने के बाद सतपाल महाराज के शिष्य रत्नेश्वरानंद ने राजेश को इलाहाबाद की रहने वाली एक नाबालिग सेविका के सामने बुरी तरह डांट लगाई थी। सेविका से राजेश का गहरा लगाव था और वह शिविर में दिन भर उसके पास ही मंडराता रहता था। डांट के बाद उसके सिर पर खून सवार हो गया था और रात में मालिश के बाद प्रार्थना करते वक्त उसने रत्नेश्वरानंद पर फावड़े से हमला कर दिया था। उसने एक के बाद तीन वार किए थे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
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एसएसपी दीपक कुमार ने हत्या के आरोपी राजेश को बृहस्पतिवार को मीडिया के सामने पेश किया। एसएसपी के मुताबिक हत्या के बाद राजेश ने अपने खून से सने कपड़ों को रत्नेश्वरानंद की शॉल से ढक लिया था। चुपके से वह माघ मेला शिविर से निकला और संत के कमरे से चुराए कपड़ों को पहनकर सिविल लाइंस बस स्टेशन पर पहुंच गया। उसने खून से सने कपड़ों को शहर में ही छिपा दिया था। वह रत्नेश्वरानंद के पास से 40 हजार रुपये भी ले गया था। सिविल लाइंस से उसने लखनऊ की बस पकड़ ली थी। लखनऊ से शाहजहांपुर, मुरादाबाद होते हुए वह दिल्ली में पंजाबी बाग स्थित समिति के आश्रम पहुंच गया था। क्राइम ब्रांच की सूचना पर दिल्ली पुलिस ने राजेश को हिरासत में ले लिया था। बुधवार रात ही उसे लेकर क्राइम ब्रांच इलाहाबाद पहुंच गई थी। राजेश की लोकेशन सर्विलांस से ट्रेस हुई। लखनऊ के रास्ते में काफी देर तक उसका मोबाइल ऑन रहा था। बाद में उसने फोन ऑफ कर दिया था लेकिन तब तक क्राइम ब्रांच उसके पीछे लग चुकी थी।

मानव उत्थान सेवा समिति के जिलाध्यक्ष उद्रीश से 16 जनवरी की रात राजेश का झगड़ा सेविका को लेकर ही हुआ था। उद्रीश ने उसे सेविका के आगे पीछे लगे रहने पर डांट लगाई थी। शिकायत पर रत्नेश्वरानंद ने उसे लताड़ते हुए कुशीनगर के बाबू छपरा, रामकोला अपने घर चले जाने को कहा था। एसएसपी के मुताबिक इससे राजेश बौखला गया था। उसने रात में ही रत्नेश्वरानंद की हत्या का प्लान बना लिया था। इसलिए उसने मालिश के लिए सेवक आशीष को जाने से रोक दिया। उसने किचन के पास से फावड़ा उठाकर रत्नेश्वरानंद के शिविर में पहले ही छिपा दिया था।
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राजेश गौड़ भले ही आश्रम में रहता था लेकिन उसकी हरकतें लोफरों जैसी थीं। उसने गोरखपुर की रहने वाली एक सेविका से भी नजदीकियां बढ़ा ली थीं। राजेश उससे भी रोज घंटों बातें करता रहता था। माघ मेला शिविर में किशोरी पर उसकी नजरें पड़ीं तो वह उसके भी आगे पीछे मंडराने लगा।

राजेश की प्लानिंग लखनऊ से दिल्ली के लिए गरीब रथ पकड़ने की थी लेकिन वह लेट हो गया। जब वह लखनऊ पहुंचा तो ट्रेन छूट चुकी थी। इसके बाद उसने दिल्ली तक का रास्ता बस से ही तय किया था।

पुलिस ने वह कपड़े भी बरामद कर लिए हैं जिसे राजेश ने हत्या के वक्त पहन रखा था। एसएसपी ने बताया कि फावड़े का प्रहार होते ही खून के छींटे शिविर की छत और राजेश के कपड़ों पर भी पड़े थे। उन्होंने राजेश को पकड़ने वाली टीम के इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी, एसआई विनोद कुमार सिंह, कांस्टेबल जितेंद्र पाल सिंह, उदय सिंह, जुलकर नैन को नगद इनाम देने की घोषणा की है।
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