खीरी थाने से छूटे युवक ने शनिवार रात जहर खा लिया। अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। हल्ला मचा कि पुलिस कस्टडी में पिटाई की वजह से उसने आत्महत्या की। पुलिस कह रही है कि वह कुछ महीने पहले एक महिला को भगाकर ले गया था। लौटने पर महिला के घरवालों ने हमला किया तो खबर पाकर पहुंची पुलिस उसे थाने ले गई थी। मुकदमा नहीं लिखाने पर उसे थाने से छोड़ गया था। उसकी खुदकुशी से पुलिस का लेना-देना नहीं है।
सुजनी गांव का कन्हैया लाल कोल उर्फ लल्ला (30) पुत्र शिवलखन कोल दो बच्चों का पिता था। करीब छह माह पहले वह पड़ोस में रहने वाली एक महिला को भगा ले गया था, जिसके तीन बच्चे हैं। शुक्रवार शाम वह उसे लेकर लौटा तो महिला के परिवार के लोगों ने उस पर हमला कर दिया। उसके पति ने कन्हैया को जान से मार डालने की धमकी दी। कन्हैया ने 100 नंबर पर खबर दी तो पुलिस पहुंची। उसे खीरी थाने ले जाया गया। शनिवार रात तकरीबन आठ बजे कन्हैया का भाई अर्जुन और मौसा मथुरा उसे थाने से लेकर निकले। कुछ दूर पहुंचने के बाद मथुरा मौसा उन दोनों को वहीं छोड़कर बाइक में पेट्रोल भराने गया। तभी कन्हैया की हालत बिगड़ी और वह गिर गया।
मौसा और भाई उसे पहले निजी चिकित्सालय फिर कोरांव सीएचसी ले गए। डॉक्टर ने जहर बताकर उसे एसआरएन अस्पताल रेफर किया, लेकिन एंबुलेंस में शहर लाते समय कन्हैया की सांस थम गई। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा। पुलिस इस बात से इनकार कर रही है कि कन्हैया ने थाने में जहर खाया या पिटाई की वजह से थाने से छोड़ने पर आत्महत्या की। एसपी यमुनापार अशोक कुमार का कहना है कि उसने घर और गांव में जलील होने की वजह से आत्महत्या की। पुलिस तो उसे बचाकर थाने ले गई थी। किसी ने केस नहीं लिखाया तो छोड़ दिया गया।