जनपद में 24 घंटे के दौरान दो महिलाओं ने आत्मदाह कर लिया। यमुनापार के कौंधियारा इलाके में सोमवार देर रात एक महिला ने घरेलू कलह की वजह से दरवाजा बंदकर शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। जब तक दरवाजा तोड़ा गया, उसकी मौत हो चुकी थी। उधर, नवाबगंज इलाके में मंगलवार शाम एक युवती ने आग लगाकर जान दी तो ससुरालियों से गुस्साए लोगों ने घर में तोड़फोड़ की।
कौंधियारा में सलैया नौगवां निवासी बालगोविंद मुंबई में रहकर नौकरी करता है। उसने नैनी में मोहब्बतगंज मोहल्ले की कमला देवी (40) से दूसरा ब्याह किया था। कमला देवी का एक बेटा संदीप (18) और बेटी सीमा (20) हैं। कुछ दिन पहले बालगोविंद मुंबई से घर आया था। उसने बेटे संदीप से भी मुंबई चलकर काम करने के लिए कहा, मगर संदीप ने मना कर दिया। पिता से झड़प के बाद वह दो रोज पहले नैनी में अपनी ननिहाल चला गया। कमला देवी की बेटी सीमा भी दस रोज पहले मायके आ गई थी। सोमवार रात करीब एक बजे मां-बेटी बिस्तर पर साथ लेटकर बात कर रही थीं। तभी कमला उठी और कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद कमरे से कमला की चीख और धुआं निकलने लगा तो सीमा ने शोर मचाया। परिजनों ने मिलकर दरवाजा तोड़ा, लेकिन कमला की जलकर मौत हो चुकी थी। खबर फैली तो गांववालों की भीड़ लग गई। नैनी से कमला के पिता राजाराम के साथ ही बेटा संदीप आ गया। किसी ने घटना पर शक नहीं जताया। पुलिस ने शव को सीलकर चीरघर भेज दिया।
दूसरी घटना नवाबगंज इलाके के सराय हरिराम गांव की है। बरगढ़ इलाके में रहने वाले अनिरूद्ध तिवारी ने बेटी रूचि तिवारी (25) का ब्याह चार साल पहले अनिल तिवारी के साथ किया था। उसका एक बेटा अभय है। अनिल गल्ला कारोबारी है। वह मंगलवार शाम बगल के गांव में गया था। तभी शाम करीब साढ़े पांच बजे उसके मकान से रूचि की चीख लोगों ने सुनी। फिर भी निकलने लगा। उसका बेटा घर के बाहर रो रहा था। लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर रूचि जली पड़ी थी। उसकी मौत हो चुकी थी। ससुराल वाले फरार हो गए थे। वहां जुटे लोगों ने गुस्से में घर में तोड़फोड़ कर दी। बरगढ़ में रूचि के मायके में घटना की जानकारी दी तो वे भी रोते-कलपते रवाना हो गए। खबर पाकर नवाबगंज पुलिस भी पहुंच गई।