इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में विधि की परीक्षा के दौरान एक छात्र से आईकार्ड मांगे जाने पर छात्र ने अपने साथियों को बुलाकर जमकर हंगामा काटा। साथ ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों की धमकी दी। मामला बढ़ने पर मौके पर पहुंची कर्नलगंज थाने की पुलिस ने मौके से छात्र समेत तीन लोगों को पकड़ा। हालांकि बाद में तीनों को छोड़ दिया गया। मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए इविवि प्रशासन ने कर्नलगंज थाने में तहरीर दी है। साथ ही हंगामा करने वाले छात्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इविवि के विधि विभाग में सोमवार को दोपहर दो बजे से एलएलबी की परीक्षा थी। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों को आईकार्ड की जांच और तलाशी के लिए तैनात किया गया था। एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र सिद्धार्थ सिंह ने आईकार्ड दिखाने से इनकार कर दिया। वह अपना चेहरा भी ढके हुए था। इस पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने आपत्ति की तो छात्र ने फोन करके अपने दो भाइयों सर्वेश सिंह और सत्यार्थ सिंह को बुला लिया। तीनों प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों से भिड़ गए और हंगामा शुरू कर दिया। सिद्धार्थ अन्य साथियों को भी फोन करके बुलाने लगा। मामला बढ़ने पर कर्नलगंज पुलिस को सूचना दी गई तो सीओ और प्रभारी निरीक्षक कर्नलगंज फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने तीनों छात्रों को पकड़ लिया और मामला शांत होने के बाद छोड़ा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे की ओर से थाने में दी गई तहरीर में कहा गया है कि सिद्धार्थ और उसके भाइयों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों को जान से मारने और बाहर निकलने पर देख लेने की धमकी दी। चीफ प्रॉक्टर ने सिद्धार्थ सिंह को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है और कहा है कि पूरी परीक्षा समाप्त होने के अगले दिन दोपहर एक बजे चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण दें। नोटिस के माध्यम से पूछा है कि इस कृत्य के लिए क्यों न विश्वविद्यालय से नामांकन निरस्त कर दिया जाए।