धूमनगंज के नीमसराय मोहल्ले में रहने वाले रिटायर वीडीओ के बेटे ने फांसी लगाकर जान दे दी। करछना ब्लॉक में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात युवक ने ऐसा क्योें किया, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि बीमारी से तंग आकर उसने जान दी। उधर रिश्तेदारों के बीच कई महीने से मानदेय न मिलने से परेशान होकर भी कदम उठाने की चर्चा रही।
नीमसराय मोहल्ले में रहने वाले प्रेमचंद सिंह सेवानिवृत्त ग्राम विकास अधिकारी हैं। कौशाम्बी जिले के चायल स्थित नेवादा ब्लॉक से वह पांच साल पहले रिटायर हुए थे। परिवार मेें पत्नी ऊषा के अलावा पांच बेटे व चार बेटियां हैं। अखिलेश सिंह(28) तीसरे नंबर का बेटा था। वह करछना बीआरसी पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात था। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। पुलिस के मुताबिक, घरवालों ने बताया कि रोज की तरह ही बुधवार रात भी खाना खाने के बाद अखिलेश अपने कमरे में सोने चला गया। घर के अन्य लोग भी सो गए। सुबह पांच बजे के करीब छोटा भाई योगेश अखिलेश के कमरे की तरफ गया तो दरवाजा बंद था लेकिन भीतर से सिटकनी नहीं लगाई गई थी।
वह कमरे के भीतर पहुंचा तो वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। अखिलेश फांसी पर लटका हुआ था। योगेश की चीख सुनकर घर के अन्य लोग भी जाग गए। घटना की जानकारी पर कोहराम मच गया। घरवालों ने सूचना दी तो पहले डायल 100 और फिर धूमनगंज पुलिस पहुंची। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें बीमारी से तंग आकर जान देने की बात लिखी है। जांच की जा रही है। उधर पीएम हाउस पर जुटे रिश्तेदारों में इस बात की भी चर्चा रही कि लगभग आठ महीनों से मानदेय न मिलने की वजह से भी अखिलेश काफी परेशान थे। परिवारवालाें का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम हाउस पर जुटे रिश्तेदार भी गमगीन रहे।