तिलई बाजार (इलाहाबाद)। मऊआइमा इलाके के कठवर परवेजपुर गांव में कथित तौर पर मां-बाप और भाई की पिटाई से 40 साल के रामबाबू यादव की मौत हो गई। हालांकि अजीब बात यह कि पत्नी ने मौत का कारण चोट नहीं बल्कि तनाव और सदमा बताया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो डॉक्टरों को जहर के लक्षण मिले। ऐसे में पुलिस अभी इस घटना में छानबीन कर रही है।
कठवर परवेजपुर गांव में रहने वाले रामबाबू यादव की मंगलवार रात अचानक हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। उसकी पत्नी ममता देवी अपने तीन बच्चों के साथ रोते-रोते बेहाल हो गई। उसने मऊआइमा थाने जाकर आरोप लगाया कि उसके पति को मारा गया है। उसने कहा कि रामबाबू को मंगलवार दोपहर उसके पिता श्रीनाथ, मां मर्यादी देवी, देवर सुरेश और ननदोई विष्णु कुमार ने इस कदर पीटा कि वह निढाल हो गया। उसे इस हमले से बेहद सदमा पहुंचा। वह तनाव में डूबा रहा फिर अचानक उसकी सांस थम गई।
ममता देवी के मुताबिक, पति रामबाबू पैतृक संपत्ति में अपना हिस्सा मांग रहा था। मगर परिवार के लोग उसे दरकिनार किए हुए थे। प्रतापगढ़ के देल्हूपुर से ननदोई विष्णु आकर रामबाबू के पिता को भड़काता था। पुलिस ने पत्नी ममता की शिकायत पर रामबाबू का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाऊस भेज दिया। डॉक्टरों को रामबाबू के शरीर में जहर के लक्षण मिले। ऐसे में यह भी आशंका है कि परिजनों के हाथों पिटने और अपमानित होने के बाद रामबाबू ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।