शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने शनिवार की दोपहर बाघंबरी गद्दी मठ में सीएम के आगमन पर प्रवेश से रोके जाने पर जमकर हंगामा मचाया। उन्होंने एसपी गंगापार सुनील सिंह से बदसलूकी की। विधायक ने सारी मर्यादाएं लांघते हुए एसपी को जूते की भाषा में समझाने की बात कह डाली।
बाघंबरी गद्दी मठ में सीएम अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों, संतों के साथ भोजन करने पहुंचे वाले थे। उसी दौरान वहां पहुंचे शहर उत्तरी विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी सीएम से मुलाकात करने के लिए वहां पहुंचे। उस दौरान मठ का गेट बंद था। जैसे ही विधायक ने कार आगे बढ़ाई, वहां ड्यूटी पर तैनात एसपी गंगापार सुनील सिंह ने उनको अंदर जाने से रोक दिया। फिर, तो विधायक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। विधायक ने एसपी को घुड़की देनी शुरू कर दी। एसपी उन्हें जब अपनी ड्यूटी निभाने की मजबूरी गिनाई तो वह आग बबूला हो गए। कहने लगे कि, हद में रहा करो।
पता नहीं, मैं भाजपा का नेता और शहर उत्तरी से विधायक हूं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि आप जो भी हों मुझे अपनी ड्यूटी पता है, अंदर जाने के लिए सीएम और कैबिनेट मंत्री के अलावा किसी का भी प्रवेश वर्जित किया गया है। इतना सुनते ही भाजपा विधायक भड़क गए। विधायक ने कहा कि तुम लोग लातों के भूत लातों से ही मानने वाले हो। तुम लोग जूतों की ही भाषा समझते हो। एसपी के साथ विधायक की बदसलूकी कई मीडिया कर्मियों ने कैमरे में कैद कर ली। उल्लेखनीय है कि बाघंबरी गद्दी मठ में सीएम के भोज के दौरान प्रवेश की अनुमति सिर्फ कैबिनेट मंत्रियों को ही थी।
हालांकि इस मामले में एसपी गंगापार ने किसी तरह की टिप्पणी से इनकार किया है। इससे पहले पुलिस लाइन में भी विधायक ने नगर निगम के चीफ इंजीनियर पर गुस्सा उतारा । दोपहर 1:29 बजे पुलिस लाइन से सीएम की फ्लीट गुजरने के बाद नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने अस्वस्थता के चलते निरीक्षण के लिए जाने में असमर्थता जताई। इस दौरान वहां मौजूद नगर निगम के चीफ इंजीनियर सतीश कुमार ने नगर विकास मंत्री को अपनी कार में लेकर सर्किट हाउस पहुंचाने का आग्रह किया। नगर विकास मंत्री चीफ इंजीनियर की कार में सवार हुए, तभी विधायक हर्षवर्धन भी उसी कार में पीछे की सीट पर बैठ गए। चीफ इंजीनियर ने उनसे कहा कि इस कार में मंत्री जी हैं, वह उतर जाएं। इस पर विधायक ने चीफ इंजीनियर को अपशब्दों से नवाजना शुरू कर दिया। हुज्जत होने पर नगर विकास मंत्री ने विधायक को मर्यादा में रहने की नसीहत दी, तब वह शांत हुए। चीफ इंजीनियर का कहना था कि पीछे कार में बैठे विधायक को पहचानने में उनसे चूक हो गई थी।
विधायक और एसपी गंगापार के बीच हुई कहासुनी का वीडियो कुछ लोगों ने दिखाया है, लेकिन अभी इस मामले में शिकायत नहीं मिली है। एसपी गंगा पार की ओर से शिकायत मिली तो इस प्रकरण को देखा जाएगा।
नितिन तिवारी, एसएसपी-इलाहाबाद।
जब मैं बाघंबरी गद्दी मठ पहुंचा तो मेरी कार में नगर विकास मंत्री सवार थे। उनकी तबीयत खराब चल रही है। हाल में ही उनको अस्पताल से छुट्टी मिली है। मठ पहुंचा तो गेट का दरवाजा बंद था। मैंने गेट खोलने के लिए कहा तो एसपी गंगापार ने मना कर दिया। इस पर मैंने उन्हें समझाने की कोशिश की कि इसने वरिष्ठ मंत्री की भी कार वह भीतर नहीं जाने देंगे तो फिर क्या मतलब। इसी मामले को कुछ चैनलों पर बात का बतंगड़ बनाया जा रहा है। इसके बाद एसपी गंगा पार से मेरी बात भी हुई। उनके साथ मैंने अभद्रता नहीं की। हर्ष वर्धन वाजपेयी- विधायक, शहर उत्तरी।