डीआईजी की सर्विलांस टीम ने कई जिलों में ट्रक लूट के साथ ही सुपारी लेकर कत्ल की वारदात करने वाले गिरोह के पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों बीएसएफ का भगोड़ा सिपाही है जो लूटा गया माल खरीदता था। इन लोगों के कब्जे से आठ टन लूटा गया सरिया, दो पिस्टल, दो तमंचा, कई कारतूस और नगदी मिली है। गिरोह के सात बदमाश फरार हो गए। इस गिरोह के सरगना ने मध्य प्रदेश में भी एक कत्ल किया था जिसमें जेल भी भेजा गया था।
डीआईजी सर्विलांस सेल प्रभारी ओमप्रकाश त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार रात उपनिरीक्षक विनोद सिंह, सिपाहियों जुलकर नैन, संतोष सिंह, पंकज दुबे तथा झूंसी थाना प्रभारी नागेंद्र चौबे के साथ त्रिवेणीपुरम गेट के पास घेरकर चार अपराधियों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से दो पिस्टल, दो तमंचे तथा कारतूस मिले। पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार बदमाश सरायइनायत में सीहीपुर गांव निवासी अखिलेश सिंह उर्फ गुरू, दक्षिणी कोटवा गांव का सूरजसिंह, खीरी में लेड़ियारी का राहुल उर्फ अनुराग सिंह, चित्रकूट में मऊ जनपद का अजय सिंह ट्रक लूटने वाले गिरोह से जुड़े हैं। इनमें अखिलेश उर्फ गुरू गिरोह का सरगना है।
आईजी जोन केएस प्रताप कुमार और एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि इस गिरोह ने पिछले दिनों प्रतापगढ़ में चार ट्रक माल समेत लूटे। वे बोलेरो में चलते और ओवरटेक कर रोकने के बाद ट्रक कब्जे में ले लेते थे। उसके ड्राइवर खलासी को बांधकर कहीं फेंके देते। फिर ट्रक कटवा देते और माल कम दाम पर व्यापारियों को बेच देते थे। इन चार बदमाशों की निशानदेही पर छापा मारकर जौनपुर के जाफराबाद में छापा मार सर्वेश यादव को गिरफ्तार कर आठ टन सरिया बरामद किया गया। सर्वेश बीएसएफ का सिपाही है। वह छत्तीसगढ़ में तैनाती से भागा हुआ है। आईजी ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को 15 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।
पूछताछ में पता चला कि अखिलेश उर्फ गुरू ने पांच-पांच लाख रुपये में दो लोगों के कत्ल की सुपारी ली थी। हालांकि आईजी ने उनके नाम बताने से इनकार कर दिया जिन्हेें मारने का ठेका गुरू ने लिया था। उसने कुछ साल पहले सुपारी लेकर रीवा में जिला पंचायत सदस्य संजय सिंह की हत्या कर दी थी। रीवा पुलिस ने उसे जेल भेजा था। अखिलेश के खिलाफ कत्ल, अपहरण, बलवा, लूट, गैंगस्टर के 26 मुकदमे दर्ज हैं। सूरज सिंह और राहुल पर भी कई आपराधिक केस हैं।