शहर में जीरो रोड बस अड्डे के निकट महावीर विहार अपार्टमेंट के फ्लैट में बृहस्पतिवार शाम दवा कारोबारी के बेटे को बंधक बनाकर बदमाशों ने नगदी और जेवर समेत लगभग आठ लाख की लूट कर डाली। सरेशाम बीच शहर इस वारदात से पुलिस में खलबली मच गई। लूट की सूचना पर एसएसपी, एसपी क्राइम, क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस ने मौकेे पर जाकर छानबीन शुरू की। कारोबारी के बेटे से पूछताछ के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच लुटेरों की तलाश में जुटी है। पुलिस को शक है कि इस वारदात में बदमाशों के लिए कोई करीबी भी मददगार रहा।
जीरो रोड पर आर्य समाज मंदिर के निकट है महावीर विहार अपार्टमेंट। इसके थर्ड फ्लोर के चार नंबर फ्लैट में दवा व्यापारी आलोक बाजपेयी रहते हैं। पानदरीबा के पास उनकी दवाओं की दुकान है। बगल में ही उनकी पत्नी शालिनी बाजपेयी का बुटीक भी है। दिन भर घर में 11वीं में पढ़ने वाला बेटा दिग्विजय और बेटी इशिता ही रहती हैं। बृहस्पतिवार शाम करीब पांच इशिता कोचिंग चली गई। बेटा दिग्विजय अकेले था। करीब साढ़े पांच चार बदमाश फ्लैट पर पहुंचे और दरवाजे पर दस्तक दी। दिग्विजय ने दरवाजा खोला तो तीन बदमाश उसे धक्का देकर कमरे में घुस गए। एक बदमाश बाहर खड़ा रहा। दरवाजे की टक्कर से दिग्विजय पीछे कांच की टेबिल पर गिरा। बदमाशों ने पहले उससे किसी सीडी के बारे में पूछा। फिर बदमाश आलमारी का लॉकर और बक्सा खोलकर खंगालने लगे। मौका पाकर दिग्विजय बाहर भागा तो लुटेरों ने उसे दबोचकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि वह शोर नहीं मचा सके।
लगभग दस मिनट के भीतर 70 हजार रुपये नगद और जेवर समेत लगभग आठ लाख रुपये का माल बटोरकर बदमाश बाहर निकल गए। लुटेरों के जाने के बाद भी कुछ देर तक दिग्विजय दहशत में बैठा रहा। फिर उसने मां शालिनी को फोनकर इस घटना के बारे में बताया। शालिनी पति आलोक साथ बदहवासी में घर पहुंचीं। कमरे की हालत और घबराए बेटे को देखकर उनकी आंखों से आंसू निकल आए। फिर आसपास के लोग भी जुट गए। लूट की सूचना पर पहले कोतवाली पुलिस पहुंची। फिर एसएसपी वीपी श्रीवास्तव, एसपी क्राइम अरुण कुमार पांडेय भी क्राइम ब्रांच टीम के साथ आ गए। बदमाशों ने घर के अंदर आलमारी और बक्से से लूटपाट के अलावा किसी दूसरे सामान को हाथ नहीं लगाया था। पुलिस का अनुमान है कि लुटेरों के लिए आसपास के किसी शख्स ने मददगार की भूमिका अदा की है। उसने ही बदमाशों को बताया होगा कि शाम को पांच बजे इशिता के कोचिंग जाने के बाद दिग्विजय घर में अकेले रह जाता है। बदमाशों ने रेकी करने के बाद घटना अंजाम दे डाली।