इलाहाबाद (ब्यूरो)। जार्जटाउन के जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर रहने वाले डॉक्टर पीके श्रीवास्तव की बेटी साक्षी (16) ने शुक्रवार रात फांसी लगा ली। परिजनों को फांसी की जानकारी तब हुई जब उन्होंने सुबह साक्षी का कमरा खोला। फांसी पंखे के चुल्ले पर दुपट्टे से लगाई गई थी। परिजनों का कहना है कि 11वीं के कुछ पेपर खराब होने के कारण वह डिप्रेशन में थी। हालांकि, परिजनों और पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पीके श्रीवास्तव की तैनाती मनोहर दास नेत्र चिकित्सालय में है। दो बेटियों में छोटी साक्षी गर्ल्स हाईस्कूल (जीएचएस) में पढ़ती थी। शुक्रवार रात वह खाना खाने के बाद अपने कमरे में चली गई थी। परिजनों के मुताबिक उसका व्यवहार सामान्य था। पुलिस को भी घरवालों से किसी विवाद के बारे में जानकारी नहीं मिली है। सुबह डॉ. पीके श्रीवास्तव साक्षी को जगाने गए थे। भीतर से कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने दरवाजा खोला तो साक्षी फांसी पर लटकती मिली। सुबह छह बजे ही उन्होंने पुलिस को खबर दे दी।
पुलिस ने शव को उतरवाने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। पीके श्रीवास्तव की बड़ी बेटी सौम्या दिल्ली में पढ़ती है। इंस्पेक्टर जार्जटाउन राजकुमार पांडेय ने बताया कि साक्षी के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों ने बताया कि वह परीक्षा खराब होने के बाद से डिप्रेशन में थी। इसकी चर्चा उसने कई बार की थी। इसी कारण उसने फांसी लगा ली।