यमुनापार में मेजा इलाके के एक प्रेमी जोड़े ने मंगलवार रात मांडा में ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। दोनों सगे मौसेरे भाई-बहन थे। पिछले ही महीने युवक की शादी हुई थी, जिसके बाद दोनों तनाव में थे। आधी रात पुलिस और परिजनों को घटना की जानकारी मिली। सुबह पुलिस की सहमति से उनकी अंत्येष्टि करा दी गई।
पच्चीस वर्षीय दीपक (परिवर्तित नाम) मुंबई की किसी कंपनी में नौकरी करता था। परिजनों ने उसकी शादी तय कर दी तो वह गांव पहुंचा और उसका 21 फरवरी को ब्याह हो गया। सात रोज बाद दुल्हन मायके लौट गई। शादी के बाद से दीपक के घर में हंसी-खुशी का माहौल था, मगर मंगलवार रात की घटना से अब परिवार में मातम है। दीपक ने पड़ोस में रहने वाली अपनी मौसेरी बहन कल्पना (18, परिवर्तित नाम) के साथ मंगलवार रात करीब दस बजे मांडा में दिघिया के निकट रेलवे पटरी पर ट्रेन से कटकर जान दे दी। रेल कर्मियों से खबर पाकर पुलिस पहुंची। पुलिस को बताया गया कि ये युवक-युवती सामने से आ रही ट्रेन के सामने रेल पटरी पर लेट गए थे। दीपक के पास मिले वोटर आईकार्ड से उसकी पहचान हो सकी। खबर पाकर आधी रात दोनों के परिजन पहुंच गए।
आखिर उन दोनों ने एक साथ आत्महत्या क्यों की? इस बाबत एसओ मांडा पीआर गौरव ने बताया कि दीपक और कल्पना के बीच प्रेम संबंध था। इसकी भनक लगने पर दीपक का ब्याह करा दिया गया तो वे उदास थे। पुलिस के मुताबिक, गांववालों से पता चला कि दीपक ने कई लोगों से जिक्र किया था कि वे दोनों आत्महत्या कर लेंगे। मंगलवार शाम दीपक और कल्पना अपने-अपने घर से निकलकर लापता हो गए थे। मौके पर पुलिस के साथ नायब तहसीलदार सुनील कुमार भी पहुंचे, लेकिन हैरानी की बात है कि पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की बजाय शव परिजनों को सौंप दिए। ऐसे संगीन मामले में पुलिस की यह हरकत चौंकाने वाली है।