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कैबिनेट मंत्री ने बांटा पीड़ित परिवार का गम

Thu, 27 Apr 2017 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सहावपुर गांव जाकर पीड़ित परिजनों का दुख बांटा और सरकारी मदद की घोषणा की। उन्होंने मारे गए दंपति के इकलौते बेटे रंजीत और बेटी बबीता उर्फ रंजना से मिलकर उनके माता-पिता और दो बहनों की हत्या पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
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मंत्री ने आठ लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया और डीएम से चार लाख रुपये तत्काल बेटे के खाते में स्थानांतरित करने को कहा। उन्होंने बी.फार्मा कोर्स के बाद शिमला में नौकरी कर रही बेटी रंजना को जन औषधि केंद्र आवंटित करने की भी घोषणा की। सीएमओ को निर्देश दिया कि योजना के तहत पहला जन औषधि केंद्र खोलने के लिए वह प्रस्ताव बनाकर भेजें ताकि रंजना के नाम से वरीयता के आधार पर लाइसेंस जारी किया जा सके। इस केंद्र के लिए शासन से ढाई लाख रुपये का आर्थिक अनुदान भी दिया जाएगा। बेटी रंजना ने कहा कि उस पर भी भाई समेत खतरा है इसलिए वह गांव में नहीं रहना चाहती। इस पर मंत्री ने कहा कि अलग मकान मुहैया होने तक पीड़ित परिवार को सर्किट हाउस में ठहराया जा सकता है। पुलिस उनकी पूरी सुरक्षा करेगी।  

लगभग 45 मिनट तक पीड़ित परिवार के मकान में रहने के दौरान कैबिनेट मंत्री ने उस कमरे का भी जायजा लिया, जहां घटना अंजाम दी गई थी। उन्होंने घटनाक्रम के बारे में डीएम संजय कुमार तथा एसएसपी शलभ माथुर से बात की और जांच की प्रगति भी जानी। पार्टी से जुडे़ नेता पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय, वरिष्ठ नेता कन्हैया लाल पांडेय, रामानुज पांडेय समेत जिले के कई नेता मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के साथ उनकी पत्नी भी पीड़ित परिजनों से मिलीं और सांत्वना दी। उन्होंने रंजना गुप्ता से अलग से बात की और न्याय का भरोसा दिलाया। गुप्ता समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व राज्य सभा सदस्य राम नारायण गुप्त ने कहा कि समाज से जुडे़ लोगों पर अत्याचार बढ़ रहा है। उन्होंने पीड़ित परिजनों की सुरक्षा और बेटे-बेटी को नौकरी के साथ शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की।
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-बेटे रंजीत और बेटी रंजना समेत परिजनों ने कैबिनेट मंत्री से कहा कि पहले से खतरा होने के बावजूद पुलिस ने कुछ नहीं किया। रंजीत ने कहा कि होली पर उसकी शिकायत पर आए 100 नंबर गाड़ी पर तैनात पुलिसवालों ने उसके विरोधियों को नीम का पेड़ काटने के आरोप में पकड़ा लेकिन पांच हजार रुपये लेकर छोड़ दिया। अब उसके माता-पिता और दो बहनों की हत्या के बाद तीन सिपाहियों को निलंबित किया गया है लेकिन दोषी तो नवाबगंज थाना प्रभारी भी हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। डीएम और एसएसपी ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है। हत्याकांड के दोषी लोगों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

घटना के तीसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी का भी आठ सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल सहावपुर गांव पहुंचा। एमएलसी वासुदेव यादव, पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा, पूर्व विधायक अंसार अहमद, जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति यादव, पार्टी नेता नरेंद्र सिंह पटेल और संदीप विश्वकर्मा घटना की निंदा करते हुए कहा कि वे घटना की न्यायिक जांच कराने का दबाव बनाएंगे ताकि परिवार को न्याय और दोषियों को सजा मिल सके।

-स्वास्थ्य मंत्री पीड़ित परिजनों और बेटे-बेटी से मिलने के बाद रवाना हुए तभी जेल भेजे गए पांच आरोपियों के भी परिवार के लोग उनकी गाड़ी के सामने आ गए। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को फर्जी नामजद कराया गया और पुलिस ने बिना जांच और सुबूत के जेल भेज दिया। डीएम और एसएसपी ने भरोसा दिया कि पुलिस घटना की गहराई से जांच में जुटी है। निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा और दोषी लोग बख्शे नहीं जाएंगे। 
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